झारखंड: एआईसीटीई की मंजूरी के बावजूद छात्रों को परीक्षा से रोका, हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच का दिया आदेश
रांची, 13 जनवरी (आईएएनएस)। झारखंड हाईकोर्ट ने धनबाद स्थित एक तकनीकी संस्थान में नामांकन के लिए ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) की मंजूरी के बावजूद छात्रों को परीक्षा से वंचित किए जाने के मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया है। धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्राचार्य की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मंगलवार को झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और एआईसीटीई की भूमिका पर कड़ी टिप्पणी करते हुए यह आदेश पारित किया है।
अदालत के निर्देश पर झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (जेयूटी) के रजिस्ट्रार स्वयं न्यायालय में उपस्थित हुए। रिकॉर्ड के अवलोकन के दौरान कोर्ट ने पाया कि एआईसीटीई ने 30 अप्रैल 2025 को याचिकाकर्ता संस्थान को शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नामांकन के लिए विधिवत अनुमति प्रदान की थी। इसके आधार पर कॉलेज में छात्रों का नामांकन कराया गया, लेकिन बाद में झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी ने उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट ने इस स्थिति की तुलना ट्रैफिक पुलिस द्वारा ‘नो एंट्री’ या ‘नो पार्किंग’ का बोर्ड हटाकर आम लोगों को फंसाने से की और कहा कि प्रथम दृष्टया जेयूटी ने भी इसी तरह का रवैया अपनाया है। अदालत ने टिप्पणी की कि यह मामला केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ गंभीर खिलवाड़ का प्रतीत होता है।
कोर्ट के अनुसार, पहली नजर में यह राज्य की एजेंसियों द्वारा किया गया अत्यंत गंभीर और भ्रष्ट आचरण भी हो सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, हाईकोर्ट ने यूनियन ऑफ इंडिया के माध्यम से सीबीआई को प्रतिवादी के रूप में पक्षकार बनाया और जांच का आदेश दिया।
अदालत ने सीबीआई को यह जांचने का निर्देश दिया है कि एआईसीटीई और जेयूटी ने किस प्रक्रिया के तहत छात्रों को नामांकन के बाद परीक्षा से वंचित किया और इसमें किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही। इस संबंध में सीबीआई की ओर से असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया प्रशांत पल्लव ने नोटिस प्राप्त किया।
हाईकोर्ट ने सीबीआई को दो सप्ताह के भीतर सीलबंद लिफाफे में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। साथ ही जेयूटी और एआईसीटीई को जांच एजेंसी को पूर्ण सहयोग देने का निर्देश भी दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को निर्धारित की गई है।
--आईएएनएस
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