एआईसीसी ने हिमाचल पीएसी का गठन किया, सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष भी नियुक्त
नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की 'राजनीतिक मामलों की समिति' का गठन कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से अनुमोदित कर दिया है।
एआईसीसी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति में कुल 26 सदस्य बनाए गए हैं। इनमें हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, प्रतिभा सिंह, अनुराग शर्मा और अन्य प्रमुख नेता शामिल हैं।
समिति के सदस्यों में विनय कुमार, सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुकेश अग्निहोत्री, आनंद शर्मा, प्रतिभा सिंह, अनुराग शर्मा, कौल सिंह ठाकुर, कुलदीप सिंह राठौर, कुलदीप कुमार, आशा कुमारी, चंद्र कुमार चौधरी, कर्नल धनी राम शांडिल, हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह, विक्रमादित्य सिंह, राजेश धर्माणी, यादविंदर गोमा, राम लाल ठाकुर, नंद लाल, आर.एस. बाली, भवानी सिंह पठानिया, केहर सिंह खाची और सुरेंद्र शर्मा के नाम शामिल हैं।
इसके अलावा, एआईसीसी प्रभारी हिमाचल प्रदेश और एआईसीसी सचिव (हिमाचल प्रदेश से संबद्ध) भी पदेन सदस्य होंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने विभिन्न राज्यों के लिए सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्षों, सह-अध्यक्षों और समन्वयकों की नियुक्ति भी अनुमोदित कर दी है, जिसके लिए उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पद के लिए शालिनी सिंह, पंजाब अध्यक्ष के लिए गुरजोत सिंह ढींडसा, ओडिशा अध्यक्ष के लिए विश्वजीत मोहंती, हरियाणा अध्यक्ष के लिए मोनिका डूमरा, और सह-अध्यक्ष पद पर पुनित यादव को बैठाया गया है। वहीं, समन्वयकों के लिए विक्रांत, विशाल, राहुल वशिष्ठ, और खुशदीप कौर के नाम हैं।
महाराष्ट्र अध्यक्ष के लिए हृषिकेश एस. पाटिल का नाम है। वहीं समन्वयकों में अब्दुलकादिर शब्बीरहम्मद औती, अक्षयकुमार कमलाकर मुराले, अमित चंद्रकांत कांबले, ज्ञानेश्वर शंकर चव्हाण, जीविका एस. उथदा, पंकज शोभा दलवी, श्लोकानंद सदानंद डांगे, सुमित अरुण लोनारे और विजयानंद आनंदराव पोल के नाम हैं।
सोशल मीडिया आज की राजनीति का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इन नियुक्तियों से पार्टी विभिन्न राज्यों में सोशल मीडिया अभियानों को और मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक मामलों की समिति के गठन को पार्टी संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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