अहमदाबाद को बड़ी सौगात: दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम से जुड़ेगी मेट्रो, पीएम मोदी ने दो नए रूट का किया शिलान्यास
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात में अहमदाबाद मेट्रो के दो महत्वपूर्ण विस्तार प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी। इनमें अहमदाबाद मेट्रो फेज-2A का एयरपोर्ट एक्सटेंशन कॉरिडोर और फेज-2B का GIFT सिटी एक्सटेंशन शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। साथ ही, एयरपोर्ट, प्रमुख रेलवे और हाईस्पीड रेल कनेक्शन, बड़े खेल आयोजनों के स्थल और वित्तीय केंद्रों तक पहुंचना आसान हो सकेगा।
एयरपोर्ट तक सीधे पहुंचेगी मेट्रो
अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2A के तहत कोटेश्वर रोड से सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक लगभग 6 किलोमीटर लंबा एक्सटेंशन कॉरिडोर प्रस्तावित है। इस रूट पर पांच स्टेशन बनाए जाने की योजना है।
इस कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य शहर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से बेहतर तरीके से जोड़ना है। इससे हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को सड़क पर लगने वाले जाम और पार्किंग की परेशानी से राहत मिल सकती है। मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ने से एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का एक सुविधाजनक विकल्प भी उपलब्ध होगा।
GIFT सिटी तक आसान होगा सफर
अहमदाबाद मेट्रो फेज-2B के तहत GIFT सिटी एक्सटेंशन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। लगभग 3.3 किलोमीटर लंबे इस रूट पर तीन स्टेशन प्रस्तावित हैं। यह विस्तार GIFT सिटी और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवाजाही को आसान बनाने में मदद करेगा।
GIFT सिटी देश का एक प्रमुख वित्तीय और तकनीकी केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में पेशेवर काम करते हैं। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से यहां आने-जाने वाले कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच सार्वजनिक परिवहन की सुविधा भी बेहतर होगी।
नरेंद्र मोदी स्टेडियम और साबरमती रिवरफ्रंट तक कनेक्टिविटी
अहमदाबाद मेट्रो नेटवर्क की खासियत यह है कि यह शहर के कई महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल नरेंद्र मोदी स्टेडियम तक मेट्रो से पहुंचा जा सकता है। क्रिकेट मैचों और बड़े आयोजनों के दौरान यह कनेक्टिविटी दर्शकों की आवाजाही को आसान बनाने में मदद करती है।
मेट्रो का कुछ हिस्सा साबरमती नदी के आसपास से गुजरता है, जहां से यात्रियों को साबरमती रिवरफ्रंट का नजारा देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, अहमदाबाद मेट्रो को मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल यानी बुलेट ट्रेन से जोड़ने की दिशा में इंटरचेंज कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
अहमदाबाद मेट्रो के दोनों नए एक्सटेंशन का उद्देश्य शहर और आसपास के प्रमुख आर्थिक तथा परिवहन केंद्रों के बीच संपर्क बेहतर करना है। एयरपोर्ट और GIFT सिटी तक मेट्रो पहुंचने से यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिल सकता है।
सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल बढ़ने से सड़कों पर वाहनों का दबाव और उनसे होने वाला प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यात्रा के समय में कितनी कमी आएगी, यह नए कॉरिडोर के चालू होने, ट्रेन की आवृत्ति और यात्रियों के वास्तविक आवागमन पर निर्भर करेगा।
अहमदाबाद मेट्रो का मौजूदा नेटवर्क
अहमदाबाद मेट्रो नेटवर्क अहमदाबाद और गांधीनगर के प्रमुख इलाकों को जोड़ता है। इसमें अलग-अलग कॉरिडोर के जरिए मोटेरा, साबरमती, गुजरात यूनिवर्सिटी, ओल्ड हाई कोर्ट, कालूपुर रेलवे स्टेशन, वस्त्राल और अन्य प्रमुख स्थानों तक पहुंचने की सुविधा मिलती है।
ब्लू लाइन: ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर
ब्लू लाइन थलतेज से वस्त्राल तक जाती है। इस कॉरिडोर में एलिवेटेड और भूमिगत हिस्से शामिल हैं। गुजरात यूनिवर्सिटी, ओल्ड हाई कोर्ट, शाहपुर, कालूपुर रेलवे स्टेशन और अपैरल पार्क इसके प्रमुख स्टेशनों में शामिल हैं।
रेड लाइन: नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर
रेड लाइन मोटेरा स्टेडियम से APMC तक कनेक्टिविटी देती है। इस रूट के प्रमुख स्टेशनों में साबरमती, रानीप, ओल्ड हाई कोर्ट, पालडी और श्रेयस शामिल हैं।
गांधीनगर और GIFT सिटी की कनेक्टिविटी
गांधीनगर एक्सटेंशन के जरिए मोटेरा से महात्मा मंदिर तक मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध है। वहीं, GIFT सिटी की ओर जाने वाला कॉरिडोर वित्तीय और तकनीकी केंद्र तक पहुंचने में मदद करता है।
अहमदाबाद-धोलेरा कॉरिडोर पर भी नजर
अहमदाबाद से धोलेरा तक बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी विकसित करने की योजनाओं पर भी काम हो रहा है। प्रस्तावित कॉरिडोर का उद्देश्य अहमदाबाद और धोलेरा क्षेत्र के बीच आवाजाही को सुविधाजनक बनाना है। हालांकि, इस परियोजना की लंबाई, निर्माण की स्थिति और समयसीमा से जुड़ी जानकारी को आधिकारिक परियोजना अपडेट के आधार पर अलग से सत्यापित किया जाना चाहिए।