अग्निवीरों की सेवा अवधि 6 साल होने पर पूर्व नौसेना प्रमुख बोले- सही फैसला, देश और सेना दोनों के लिए अच्छा
नई दिल्ली, 5 नवंबर (आईएएनएस)। अग्निवीरों की सेवा अवधि 4 साल से बढ़ाकर 6 साल करने के केंद्र सरकार के फैसले का पूर्व सैन्य अधिकारियों और पूर्व सैनिकों ने स्वागत किया। पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह बिल्कुल सही कदम है। इससे 75 प्रतिशत श्रेणी वाले अग्निवीरों की चिंता और अनिश्चितता दूर होगी। वहीं, सेवानिवृत्त कर्नल सागर सिंह सलारिया और पूर्व सैनिक अंचला शर्मा ने भी फैसले को युवाओं की उम्मीदों को बढ़ाने वाला बताया।
अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने पर पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी (सेवानिवृत्त) ने कहा, "बिल्कुल, मुझे लगता है कि सही कदम उठाया गया है, क्योंकि अनिच्छुक लोगों को सशस्त्र बलों में नहीं लिया जा सकता, खासकर सेना में। जब तक आपके अंदर जुनून नहीं होगा और आप पूरी तरह से आश्वस्त नहीं होंगे कि आप सही जगह पर हैं, तब तक आप युद्ध नहीं लड़ सकते। सेवा छोड़ने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। किसी के पारिवारिक कारण हो सकते हैं, किसी के आर्थिक कारण हो सकते हैं, और किसी के उद्यमशीलता के कारण हो सकते हैं। वे यहां छह साल या चार साल सेवा कर सकते हैं और फिर तय कर सकते हैं कि वे कुछ और करना चाहते हैं।"
उन्होंने कहा कि बिल्कुल, ऐसा ही होता है। यह सिर्फ सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं है, यह हर क्षेत्र में होता है। कई लोग अपना करियर शुरू करते हैं, डॉक्टर बनते हैं, लेकिन अंत में किसी और सेक्टर में चले जाते हैं। कुछ लोग आईआईटी में शामिल होते हैं, लेकिन अंत में कुछ और करने लगते हैं। इसी तरह, कुछ लोग बहुत अच्छा काम कर रहे होते हैं, लेकिन उसे छोड़कर उदाहरण के लिए किसी एनजीओ के साथ काम करने लगते हैं। तो, ऐसा हर जगह होता है। यदि यह प्रावधान यहां भी किया गया है तो यह देश और सशस्त्र बलों दोनों के लिए बहुत अच्छा है।
पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल ने कहा कि जो दो साल का विस्तार दिया गया है, वह उन कई अग्निवीरों की चिंताओं को दूर करेगा जो 75 प्रतिशत श्रेणी में आते थे। सेवा पूरी करने के बाद वे क्या करेंगे, इसे लेकर उनके मन में कुछ संदेह, चिंता और अनिश्चितता रही होगी। हालांकि भारत सरकार ने इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों के सेवा छोड़ने के बाद समाज में सुचारु रूप से समायोजन सुनिश्चित करने के लिए एक ढांचा बनाया था, प्रबंधन की एक पूरी सूची तैयार की गई थी, जिसमें बताया गया था कि वे कहां जा सकते हैं और उनके लिए क्या अवसर उपलब्ध होंगे।
उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि गृह मंत्रालय के तहत इसके लिए एक व्यापक प्रावधान था। लेकिन फिर भी, हम सब इंसान हैं, और जब तक कोई चीज वास्तव में हमारे हाथ में नहीं आ जाती, तब तक हमारे मन में कुछ अनिश्चितता स्वाभाविक रूप से बनी रहती है। इसलिए, यह दो साल का विस्तार निश्चित रूप से हमारे अग्निवीरों, उनके परिवारों और दोस्तों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा, और सभी खुश होंगे।
वहीं, सेवानिवृत्त कर्नल सागर सिंह सलारिया ने कहा कि मैंने कल टेलीविजन पर अग्निवीर के पक्ष में फैसले के बारे में पढ़ा। फिलहाल, फैसला बहुत अच्छा लग रहा है, क्योंकि 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा, जबकि शेष 75 फीसदी युवा सैनिकों को दो साल का विस्तार दिया जा रहा है।
पूर्व सैनिक अंचला शर्मा ने कहा कि अग्निवीर योजना की बात करें तो इसे 2022 में सशस्त्र बलों में शुरू किया गया था। यह प्रधानमंत्री का एक बहुत ही स्वागत योग्य कदम है, खासकर इसलिए क्योंकि अगर मैं हमारे विशिष्ट क्षेत्र नौशेरा-सुंदरबनी की बात करूं तो यह एक सीमावर्ती क्षेत्र है। आपको लगभग हर घर से कोई न कोई सेना में सेवारत मिलेगा। इसलिए, युवाओं को हमेशा उम्मीद थी कि इसे बढ़ाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब यह योजना लागू की गई तो कुछ लोगों द्वारा कुछ अफवाहें भी फैलाई गईं कि यह योजना सफल नहीं होगी। हालांकि, प्रधानमंत्री ने बहुत अच्छा कदम उठाया है, और हम इसका स्वागत करते हैं। कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले के बाद अग्निवीरों की उम्मीदें भी बढ़ेंगी। जैसा कि आप देख सकते हैं, उन्हें दो साल की अतिरिक्त सेवा दी गई है, और शायद भविष्य में यह स्थायी भी हो जाए। इसलिए, हम इसका स्वागत करते हैं और आभार व्यक्त करते हैं।"
--आईएएनएस
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