अग्निवीर, एसआईआर और रोडवेज हड़ताल को लेकर दुष्यंत चौटाला का सरकार पर निशाना
चंडीगढ़, 4 नवंबर (आईएएनएस)। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अग्निवीर योजना, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल, किसानों की समस्याओं और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्र और राज्य की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं, किसानों और कर्मचारियों की चिंताओं का समाधान करने में विफल रही है।
दुष्यंत चौटाला ने अग्निवीर योजना की अवधि चार साल से बढ़ाकर छह साल किए जाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को स्पष्ट जवाब देने के बजाय उन्हें दो साल का 'लॉलीपॉप' दे रही है। उन्होंने कहा कि जेजेपी इस फैसले की निंदा करती है और अग्निवीरों के साथ खड़ी है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन अब अवधि बढ़ाकर छह साल कर दी गई है। इससे युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने पूछा कि जिन 25 प्रतिशत युवाओं को नियमित किया जाना था, क्या उन्हें अब दो साल और इंतजार करना पड़ेगा? वहीं शेष 75 प्रतिशत युवाओं के भविष्य को लेकर भी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि देश की सुरक्षा से जुड़ा विषय बेहद गंभीर है। अग्निवीर सियाचिन और आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में देश की रक्षा करते हुए शहीद हो रहे हैं, लेकिन उनके परिवारों को नियमित सैनिकों के परिवारों जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि नियमित किए जाने वाले अग्निवीरों के लिए स्पष्ट प्रावधान किया जाए।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर दुष्यंत चौटाला ने चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार यह मुद्दा उठा रहा है कि देश में करोड़ों मतदाताओं के वोट प्रभावित होने की आशंका है।
उन्होंने फॉर्म-6 में दी जाने वाली शपथ और चुनाव आयोग द्वारा जारी नए स्पष्टीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे आयोग के पहले दिए गए हलफनामों पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए चुनाव आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया।
चौटाला ने कहा कि वोट काटने की प्रक्रिया में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता लगातार चुनाव आयोग के बचाव में सामने आ रहे हैं और सवाल किया कि आखिर भाजपा किसे बचाने का प्रयास कर रही है।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की जारी हड़ताल पर दुष्यंत चौटाला ने कर्मचारियों से फिलहाल आंदोलन समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान लोगों को अपने घर पहुंचने में परेशानी हो रही है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी फिलहाल हड़ताल वापस लें। यदि त्योहार के बाद वे फिर आंदोलन करते हैं तो जेजेपी उनका समर्थन करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाना हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को इसे अराजकता नहीं कहना चाहिए।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश की मंडियों में फसलों के उठान और किसानों को भुगतान की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 15 दिनों से धान बेच चुके किसानों को अब तक भुगतान नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि जींद और बरवाला की मंडियों में फसलें पड़ी हुई हैं और किसान परेशान हैं। चौटाला ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में किसानों को सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और कर्मचारियों की हड़तालों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बिजली, रोडवेज और सफाई कर्मचारी पहले ही आंदोलन कर चुके हैं और आगे पुलिस कर्मचारियों के भी आंदोलन की संभावना है।
हिसार के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनके कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणा की गई थी। उन्होंने हिसार एयरपोर्ट के टर्मिनल निर्माण पर संतोष जताया।
उन्होंने कहा कि उनकी पहल के चलते हिसार में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) परियोजना का रास्ता तैयार हुआ है, जिससे औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और सिरसा तक उद्योगों के विस्तार की संभावनाएं बनेंगी।
इंडिया गठबंधन के साथ संभावित तालमेल को लेकर पूछे गए सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि फिलहाल इसकी आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि 6 नवंबर को महेंद्रगढ़ में जेजेपी की रैली आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि रैली से पहले पार्टी कार्यकर्ता पूरे हरियाणा में जनसंपर्क अभियान चलाएंगे और लोगों को लोकतंत्र तथा मतदान के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर जागरूक करेंगे। चौटाला ने कहा कि महेंद्रगढ़ रैली में आगे की राजनीतिक रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।
--आईएएनएस
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