अग्नि-4 का सफल परीक्षण, मध्यम दूरी की भारतीय बैलिस्टिक मिसाइल
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। भारत ने अपनी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का गुरुवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड की निगरानी में किया गया। परीक्षण के दौरान मिसाइल से जुड़े सभी ऑपरेशनल और तकनीकी मानकों की सफल पुष्टि हुई।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह मिसाइल परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने निर्धारित उड़ान मार्ग का पालन करते हुए सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा किया। इस परीक्षण से अग्नि-4 की परिचालन विश्वसनीयता और भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को एक बार फिर मजबूती मिली।
गौरतलब है कि अग्नि-4 भारत की स्वदेशी विकसित मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। यह देश की विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाती है। ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया यह परीक्षण भारत के सामरिक मिसाइल कार्यक्रम की निरंतर प्रगति का संकेत है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित उपयोगकर्ता परीक्षणों से मिसाइल प्रणाली की युद्धक तैयारी और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।
इससे पहले भारत ने अपनी सामरिक क्षमता को और मजबूत करते हुए शॉर्ट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि-1’ का सफल परीक्षण किया था। 22 मई को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से वह परीक्षण किया गया था। परीक्षण के दौरान मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया। यह भी परीक्षण सामरिक बल कमान की निगरानी में संपन्न हुआ था।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ‘अग्नि-1’ भारत की स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मिसाइल कम दूरी तक सटीक मार करने में सक्षम है और देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाती है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य और उड़ान मानकों को पूरी तरह हासिल किया। वहीं अग्नि-4 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। वहीं बीते महीने जुलाई में भारत ने लंबी दूरी की मिसाइल ‘कुश’ का पहला सफल परीक्षण किया था। यह मिसाइल सिस्टम लंबी दूरी तक हवाई खतरों को बेअसर करने की क्षमता रखता है। इस परीक्षण के साथ ही भारत ने अपनी वायु रक्षा क्षमता को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित यह ‘कुश’ मिसाइल प्रणाली, लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। इसका पहला सफल उड़ान परीक्षण गुरुवार को ओडिशा तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया।
--आईएएनएस
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