12 साल बाद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बड़ी राहत, वीडियो में जाने सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामला किया बंद
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से जुड़े बहुचर्चित कोयला ब्लॉक आवंटन (कोलगेट) मामले में चल रही आपराधिक कार्यवाही को समाप्त कर दिया है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की वर्ष 2014 की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी देते हुए करीब 12 साल पुराने मामले का पटाक्षेप कर दिया।सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार या आपराधिक साजिश के कोई ठोस और पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं, इसलिए उनके खिलाफ मुकदमा आगे बढ़ाने का कोई आधार नहीं बनता।
तलाबीरा-2 कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़ा था मामला
यह मामला संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के कार्यकाल में तलाबीरा-2 कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा था। आरोप था कि आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई थीं। जांच के बाद CBI ने वर्ष 2014 में अदालत के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ अभियोजन चलाने लायक पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
2015 में ट्रायल कोर्ट ने खारिज कर दी थी क्लोजर रिपोर्ट
हालांकि, वर्ष 2015 में विशेष CBI अदालत ने एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने डॉ. मनमोहन सिंह और अन्य आरोपियों को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब करते हुए समन जारी किया था।11 मार्च 2015 को पूर्व प्रधानमंत्री को समन जारी किया गया था, जिसके बाद उन्होंने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। तभी से यह मामला शीर्ष अदालत में लंबित था।
सरकारी मंजूरी पर भी उठा था सवाल
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पूर्व प्रधानमंत्री की ओर से दलील देते हुए कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने अभियोजन के लिए आवश्यक सरकारी मंजूरी का इंतजार किए बिना ही मामला आगे बढ़ा दिया था। उनका तर्क था कि कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की
लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार या किसी आपराधिक भूमिका के पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। इसके साथ ही उनके खिलाफ लंबित आपराधिक कार्यवाही को समाप्त कर दिया गया।
2024 में हुआ था डॉ. मनमोहन सिंह का निधन
गौरतलब है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का 26 सितंबर 2024 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद भी यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में लंबित था। अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ करीब 12 वर्षों से चले आ रहे इस कानूनी विवाद का औपचारिक रूप से अंत हो गया।सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि इससे पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पूरी तरह समाप्त हो गई है।