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एयरोस्पेस सुरक्षा के क्षेत्र में तीनों सेनाओं की नई पहल, पूर्वी समुद्र तट पर संयुक्त अभ्यास

 

नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। एयरोस्पेस सुरक्षा के क्षेत्र में तीनों सेनाओं एक नई पहल की है। इसके तहत पहली बार भारतीय नौसेना के पूर्वी समुद्री तट पर स्थित प्रमुख हवाई स्टेशन आईएनएस डेगा पर संयुक्त रूप से एयरोस्पेस सुरक्षा निरीक्षण का अभ्यास किया गया। यह अभ्यास भारतीय वायुसेना के एयरोस्पेस सुरक्षा संस्थान और आईएनएस डेगा की ओर से आयोजित किया गया।

खास बात यह रही कि यह केवल एक सामान्य सुरक्षा निरीक्षण नहीं था, बल्कि इसमें विभिन्न सैन्य सेवाओं और सार्वजनिक क्षेत्र की महत्वपूर्ण संस्थाओं से जुड़े सुरक्षा ऑडिटरों को एक साथ प्रशिक्षण दिया गया। यह गतिविधि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पहली बार संयुक्त रूप से यह किया गया है। इसमें भारतीय नौसेना और वायुसेना के साथ भारतीय थलसेना, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड से जुड़े एयरोस्पेस सुरक्षा ऑडिटरों ने भी हिस्सा लिया।

इस दौरान प्रतिभागियों को विमानन सुरक्षा ऑडिट की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। यानी केवल कागजों पर सुरक्षा नियमों को समझने के बजाय वास्तविक संचालन और हवाई स्टेशन के माहौल में सुरक्षा प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिला। दरअसल आसमान में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की ताकत जितनी महत्वपूर्ण है, उनकी सुरक्षा भी उतनी ही अहम है। अभ्यास के दौरान विमानन सुरक्षा ऑडिट करने के तौर-तरीकों, संभावित जोखिमों की पहचान और सुरक्षा से जुड़ी बेहतर कार्यप्रणालियों पर विशेष ध्यान दिया गया।

विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि विमानन संचालन के दौरान छोटी से छोटी सुरक्षा कमी को समय रहते पहचानना और उसे दूर करना कितना महत्वपूर्ण है। इस तरह के ऑडिट का उद्देश्य केवल किसी कमी को ढूंढना नहीं होता, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी होता है कि विमानन संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों का लगातार पालन हो और संभावित दुर्घटनाओं को पहले ही रोका जा सके। इस संयुक्त अभ्यास की सबसे बड़ी खासियत साझा सीख रही।

भारतीय वायुसेना लंबे समय से बड़े पैमाने पर विमान संचालन करती है, जबकि भारतीय नौसेना समुद्री वातावरण में विमानन अभियानों का व्यापक अनुभव रखती है। थलसेना के पास भी अपने हवाई अभियानों व खासतौर पर हेलीकॉप्टर संचालन का महत्वपूर्ण अनुभव है। ऐसे में अलग-अलग सेवाओं के विशेषज्ञों का एक साथ आना सुरक्षा के क्षेत्र में नए अनुभव साझा करने का अवसर देता है। एक सेवा में अपनाई जा रही अच्छी कार्यप्रणाली दूसरी सेवा के लिए भी उपयोगी साबित हो सकती है।

इस पहल का व्यापक उद्देश्य सैन्य विमानन में मजबूत सुरक्षा संस्कृति विकसित करना है। यहां सुरक्षा को केवल नियमों और निरीक्षण तक सीमित न रखते हुए रोजमर्रा के विमानन संचालन का अभिन्न हिस्सा बनाने पर फोकस रहा। इसके लिए सुरक्षा ऑडिटरों को लगातार प्रशिक्षित करना, वास्तविक परिस्थितियों से सीखना और अलग-अलग संगठनों की बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करना महत्वपूर्ण है।

आईएनएस डेगा में हुआ यह अभ्यास केवल एयरोस्पेस सुरक्षा से जुड़ी गतिविधि नहीं, बल्कि सशस्त्र सेनाओं के बीच बढ़ती संयुक्तता और समन्वय का भी उदाहरण है। तीनों सेनाएं भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त संचालन और साझा संसाधनों पर लगातार जोर दे रही हैं। ऐसे में सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी एक-दूसरे के अनुभवों से सीखना संयुक्तता को और मजबूत करता है। इस अभ्यास ने यह संदेश भी दिया कि आधुनिक सैन्य शक्ति केवल अत्याधुनिक विमानों और हथियारों से नहीं, बल्कि सुरक्षित और कुशल संचालन से भी तय होती है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एसके