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अदरक, तुलसी और पुदीना: पाचन को दुरुस्त रखने वाले असरदार प्राकृतिक उपाय

 

मुंबई, 23 मार्च (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में एसिडिटी सबसे आम समस्या बन चुकी है। हर वक्त कुछ न कुछ बाहर का तला-भुना खाना, देर रात तक जागना और तनाव इस समस्या को और बढ़ा देते हैं। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली एसिडिटी आगे चलकर पेट से जुड़ी बड़ी बीमारियों का कारण बन सकती है।

पेट में ज्यादा एसिड बनने से सीने में जलन, खट्टी डकारें और गैस जैसी समस्याएं होती हैं। कुछ आसान घरेलू उपायों से इस परेशानी को काफी हद तक काबू किया जा सकता है।

अदरक: अदरक को पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो पेट को अंदर से आराम पहुंचाते हैं, एसिडिटी और जलन को कम करते हैं। यह पेट की मांसपेशियों को आराम देता है। अगर अदरक का रोजाना थोड़ी मात्रा में सेवन किया जाए, चाहे फिर चाय के रूप में हो या शहद के साथ, या फिर कच्चा अदरक ही चबाया जाए, तो यह पाचन को बेहतर बनाकर एसिडिटी में राहत दिलाता है।

तुलसी: तुलसी को आयुर्वेद में औषधीय गुणों का खजाना माना गया है। इसके पत्तों में एंटी-अल्सर, एंटी-इंफ्लेमेटरी और पाचन-सुधार के गुण होते हैं, जो पेट में एसिड के प्रभाव को कम करते हैं। तुलसी का सेवन करने से पेट को ठंडक मिलती है। इसमें मौजूद यौगिक पाचन तंत्र को शांत करते हैं। रोजाना पत्ते चबाने या इसका काढ़ा पीने से पेट हल्का महसूस होता है और एसिडिटी के लक्षण धीरे-धीरे कम होने लगते हैं।

पुदीना: पुदीना भी पाचन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसकी तासीर ठंडी होती है, जो पेट में जलन को शांत करने में मदद करती है। आयुर्वेद की मानें तो पुदीना पित्त दोष को नियंत्रित करता है, जबकि विज्ञान का कहना है कि यह पेट की मांसपेशियों को रिलैक्स करता है, जिससे गैस आसानी से बाहर निकल पाती है। पुदीने का सेवन करने से पेट दर्द में आराम मिलता है और पाचन क्रिया भी सुधरती है। साथ ही एसिडिटी की समस्या में भी राहत मिलती है।

--आईएएनएस

डीकेपी/