दिलीप घोष का अभिषेक बनर्जी पर निशाना, बोले- भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या की गई थी
कोलकाता, 4 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर निशाना साधा।
टीएमसी कार्यालय पर ऋतब्रत गुट के कब्जे को लेकर दिलीप घोष ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि यह टीएमसी का आंतरिक मामला है, कौन ऑफिस पर कब्जा करेगा और कौन विधानसभा में बैठेगा। विधानसभा में स्पीकर और बाहरी कानून से ठीक होगा। लेकिन जो कुछ भी हो रहा है, वह नहीं होना चाहिए। जनता ने विपक्ष में बैठने का जनादेश दिया है।
दिलीप घोष ने आगे कहा कि बीते 15 वर्षों से सत्ता में रहने से आदत खराब हो गई है। लोकतंत्र में विपक्ष की बड़ी भूमिका होती है। हम चाहते हैं कि टीएमसी की ओर से भूमिका अदा की जाए। जनता को अच्छे से सुशासन मिल पाए, इसके लिए विपक्ष में बैठकर टीएमसी को सरकार का साथ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी को भाषण देते हुए सबने देखा है कि उनकी ओर से क्या बोला जा रहा है। वर्ष 2021 में चुनाव के बाद हिंसा की गई थी, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं के घर तोड़े गए थे और हत्याएं की गई थी। हजारों लोगों को उजाड़ दिया गया था। वह घाव आज भी जिंदा है। लोगों को डराने के लिए भाषण दिया गया था। अभिषेक बनर्जी जैसे लोगों को बाहर रहना ठीक नहीं है। उन्हें जेल भेज देना चाहिए।
21 जुलाई को टीएमसी की ओर से होने वाली रैली को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि यह कांग्रेस का आंदोलन है न कि टीएमसी का। उस वक्त टीएमसी नहीं थी। यह रैली कांग्रेस को करनी चाहिए।
काकोली घोष की ओर से मुख्यमंत्री को लिखी गई चिट्ठी को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से भी यह दावा किया जा सकता है कि उस आंदोलन में मैं भी भागीदार था। मेरा मानना है कि मुख्यमंत्री को बोलना चाहिए कि हम सब लोग मिलकर आंदोलन करते हैं। जिन्होंने राजनीतिक आंदोलन में बलिदान दिया है, उनका सम्मान होना चाहिए। टीएमसी की ओर से इस आंदोलन को हाईजैक कर लिया गया था।
--आईएएनएस
एसडी/डीकेपी