अभिमन्यु मिथुन: एथलेटिक्स छोड़ क्रिकेट में बनाया करियर, जन्मदिन पर ली हैट्रिक, एक ओवर में झटके 5 विकेट
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत के पूर्व तेज गेंदबाज अभिमन्यु मिथुन की गिनती घरेलू क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ियों में की जाती है। हालांकि, फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 338 विकेट लेने के बावजूद उनका इंटरनेशनल करियर काफी छोटा रहा।
अभिमन्यु मिथुन का जन्म 25 अक्टूबर 1989 को कर्नाटक के बेंगलुरु में हुआ। अभिमन्यु का खेल से बचपन से ही लगाव था। हालांकि, शुरुआत में वह अपना एथलेटिक्स में बनाना चाहते थे। उन्होंने किशोरावस्था में डिस्कस थ्रो में भी करियर बनाने का प्रयास किया। हालांकि, 17 साल की उम्र में उनकी दिलचस्पी क्रिकेट के खेल के प्रति बढ़ी। एक दोस्त के कहने पर उन्होंने क्रिकेट कैंप जॉइन किया और बस यहीं से उनकी जिंदगी पलट गई। 6 फीट और 2 इंच की लंबी कद-काठी के दम पर अभिमन्यु ने अपनी रफ्तार भरी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को खासा तंग किया और धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाते चले गए।
अभिमन्यु ने घरेलू क्रिकेट में अपना डेब्यू 2009 में कर्नाटक की तरफ से किया। अपनी गेंदबाजी से जल्द ही वह कर्नाटक टीम के मुख्य तेज गेंदबाज बन गए। उन्होंने 103 फर्स्ट-क्लास मैचों में कुल 338 विकेट चटकाए। साल 2019 में अभिमन्यु ने अपने जन्मदिन के मौके पर तमिलनाडु के खिलाफ विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में हैट्रिक ली। वह कर्नाटक की तरफ से इस टूर्नामेंट में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज भी बने।
2019 में ही सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में खेलते हुए अभिमन्यु ने एक ही ओवर में 5 विकेट लेकर हर किसी को अपनी गेंदबाजी का कायल बनाया। उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले में हरियाणा के खिलाफ हैट्रिक लेने के साथ-साथ छह गेंदों में 5 विकेट झटके। वह रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे और सैयद मुश्ताक अली तीनों ही टूर्नामेंट में हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज बने।
अभिमन्यु ने भारत के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे मैच में किया। वहीं, उनका टेस्ट डेब्यू भी इसी साल श्रीलंका के खिलाफ हुआ। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 4 टेस्ट मैचों में कुल 9 विकेट चटकाए। वहीं, 50 ओवर के फॉर्मेट में उन्होंने 3 विकेट निकाले।
--आईएएनएस
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