'आस्था पर हमला करने का किसी को अधिकार नहीं', राहुल गांधी और पप्पू यादव पर एफआईआर को लेकर बोले जदयू एमएलसी
पटना, 2 अगस्त (आईएएनएस)। जदयू के एमएलसी नीरज कुमार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एफआईआर पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आस्था पर हमला करने का किसी को अधिकार नहीं है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए नीरज कुमार ने कहा, "ये देश धर्मनिरपेक्ष है, पंथनिरपेक्ष है। आस्था पर हमला करने का किसी को अधिकार नहीं है, चाहे कोई भी धर्म मतावलंबी हो। पप्पू यादव पर मुकदमे से क्या अंतर पड़ता है। बेऊर से तिहाड़ तक की यात्रा उन्होंने की है। उनकी जीवनगाथा में यह एक और अध्याय होगा।"
उन्होंने आगे कहा, "राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर हुई, तो उन पर पहले से केरल और अन्य राज्यों में मुकदमे हुए। मूल सवाल यह है कि कांग्रेस पार्टी क्या देश के संविधान की प्रस्तावना से भटक रही है। धार्मिक भावनाओं और परंपराओं पर किसी को भी बोलने का अधिकार नहीं है, लेकिन नए दौर में कांग्रेस नए कलेवर में है।"
बता दें कि राहुल गांधी और पप्पू यादव के खिलाफ राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर संसद परिसर में किए गए अनोखे विरोध प्रदर्शन को लेकर एफआईआर हुई है।
वहीं, राहुल गांधी की ओर से परिसीमन विधेयक का विरोध किए जाने पर जदयू एमएलसी ने कहा, "परिसीमन में हर राजनीतिक दल को अपनी भूमिका तय करना है। देश के संविधान में, जो संवैधानिक व्यवस्था है, उसके तहत परिसीमन होना आवश्यक है। तो आप मुद्दों के आधार पर आइए, ना कि परिसीमन से कैसे प्रभावित कर लेगा। आप उसका उदाहरण, सापेक्ष उदाहरण देकर अपनी बात कहना चाहिए, ना कि मुद्दों से भटकना चाहिए।"
नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तबादले पर नीरज कुमार ने कहा, "इस संबंध में तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय को अपनी टिप्पणी देनी होगी। आखिर क्या कारण है जज का ट्रांसफर हुआ और दूसरे जज को ये दायित्व दिया गया। ये तो माननीय सर्वोच्च न्यायालय के क्षेत्र अधिकार में नहीं है।"
--आईएएनएस
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