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E20 फ्यूल विवाद पर AAP का नेशनल टाउन हॉल, वीडियो में केजरीवाल बोले- गाड़ियां खराब हो रहीं, पीएम मोदी को करना चाहिए हस्तक्षेप

 

आम आदमी पार्टी (AAP) ने E20 पेट्रोल के मुद्दे को लेकर 1 अगस्त को ‘नेशनल टाउन हॉल’ आयोजित करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि इस कार्यक्रम में देशभर के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाया जाएगा, जहां E20 फ्यूल से जुड़ी समस्याओं और इसके प्रभावों पर चर्चा की जाएगी।

AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग इस फ्यूल की वजह से परेशानियों का सामना कर रहे हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों में दिक्कतें आ रही हैं, माइलेज कम हो रहा है और वाहन मालिकों का खर्च बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि इस मुद्दे के बड़ा आंदोलन बनने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसमें हस्तक्षेप करना चाहिए और लोगों की समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए।

क्या है E20 पेट्रोल?

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E20 पेट्रोल, पेट्रोल और एथेनॉल का मिश्रण है। इसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। सरकार ने देश में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा देने के लिए इसे लागू किया है। इसका उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों को लाभ पहुंचाना और पर्यावरण प्रदूषण को कम करना है।हालांकि, E20 फ्यूल को लेकर कुछ वाहन मालिकों और विशेषज्ञों ने चिंताएं भी जताई हैं। खासतौर पर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिकों का कहना है कि इस फ्यूल के इस्तेमाल के बाद उनकी गाड़ियों की परफॉर्मेंस प्रभावित हो रही है।

वाहन मालिकों की क्या हैं शिकायतें?

E20 पेट्रोल का विरोध करने वाले लोगों का दावा है कि इसके इस्तेमाल से कई समस्याएं सामने आ रही हैं। इनमें सबसे प्रमुख शिकायतें हैं—

  • गाड़ियों का माइलेज कम होना
  • इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब होना
  • मेंटेनेंस खर्च बढ़ना
  • पुराने वाहनों की परफॉर्मेंस पर असर पड़ना

कई वाहन मालिकों का कहना है कि जिन गाड़ियों को E20 के लिए डिजाइन नहीं किया गया था, उनमें इस फ्यूल के इस्तेमाल से लंबे समय में परेशानी हो सकती है।

सरकार का क्या है पक्ष?

सरकार की ओर से E20 पेट्रोल को पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया जाता रहा है। सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा मिलेगा।वहीं, वाहन निर्माता कंपनियों ने भी नए वाहनों को E20 फ्यूल के अनुरूप तैयार करना शुरू कर दिया है।

AAP ने बनाई मुद्दे को राष्ट्रीय बहस बनाने की तैयारी

AAP का कहना है कि E20 फ्यूल को लेकर आम लोगों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पार्टी के नेशनल टाउन हॉल में विशेषज्ञों और प्रभावित लोगों की राय सामने रखी जाएगी।अब नजर इस बात पर है कि E20 फ्यूल को लेकर होने वाली इस बहस में कौन-कौन से मुद्दे उठते हैं और केंद्र सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।