आपदा के समय में भी केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश की कोई मदद नहीं की: प्रतिभा सिंह (आईएएनएस साक्षात्कार)
शिमला, 24 मार्च (आईएएनएस)। हिमाचल कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने आईएएनएस से विशेष बातचीत करते हुए अपने कार्यकाल और वर्तमान में प्रदेश की राजनीति पर बात की। इसके साथ ही केंद्र सरकार पर हिमाचल प्रदेश को मदद नहीं करने का आरोप लगाया। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश-
सवाल: क्या हिमाचल की सरकार ने जनता से किए वादे पूरे किए हैं?
जवाब: जब हिमाचल प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव हुए थे तो मैंने अध्यक्ष होने के नाते अपने कार्यों को पूरी जिम्मेदारी से किया। कांग्रेस पार्टी को सशक्त करने के लिए करने के लिए अहम कदम भी उठाए गए। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी साथ थे। कांग्रेस सरकार के बनने से पहले प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, उनकी कुछ खास उपलब्धियां नहीं थी। भाजपा ने प्रदेश में ऐसा कोई काम नहीं किया था, जिसको लेकर जनता के बीच में बात की जा सके। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र ने जो लंबे समय तक कांग्रेस और जनता को नेतृत्व दिया, उससे भी फर्क पड़ा था। लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देने के रूप में भी वोट किए। जनता ने पूर्व की भाजपा सरकार और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के किए गए कामों की तुलना की और कांग्रेस पर भरोसा जताते हुए 2022 में प्रदेश में हमारी पार्टी की सरकार बनाई।
हिमाचल प्रदेश एक छोटा सा राज्य है, यहां पर बहुत सी समस्याएं हैं। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनते ही सबसे पहले पुरानी पेंशन को बहाल किया गया। इसके अलावा दूध पर एमएसपी और बिजली की 300 यूनिट फ्री देने की बात हो या फिर महिलाओं को 1500 रुपये देने की बात हो तो मुख्यमंत्री ने दूर दराज के क्षेत्र में जाकर इसकी शुरुआत की। कुछ क्षेत्र जो छूट गए हैं, वहां पर भी ये काम वादे के मुताबिक किया जा रहे हैं। जहां तक बात रही दूसरे वादों की, उन पर भी सरकार काम कर रही है। हिमाचल प्रदेश में आपदा की वजह से बहुत नुकसान हुआ। लोगों के घर ढह गए और अपने परिवार के लोग चले गए। प्रदेश सरकार ने यह वादा किया कि पीड़ितों को हर संभव सहायता दी जाएगी। पड़ोसी राज्य भी उस दौरान मदद के लिए सामने आए। कई सामाजिक संस्थाओं ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय तौर पर रात दिन काम किया।
हालांकि यह दुखद है कि केंद्र सरकार ने उस समय में हिमाचल की मदद नहीं की। प्रधानमंत्री की ओर से भी कोई आश्वासन नहीं मिला। अगर भाजपा के सांसद चाहते तो केंद्र सरकार के सामने बात रख सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। हिमाचल में जो भाजपा के नेता है, वह बस बोलने के लिए कह रहे हैं कि केंद्र से मदद मिल रही है, लेकिन ग्राउंड लेवल पर हिमाचल को कुछ नहीं मिला।
सवाल: हिमाचल की जनता आपको संसद में देखना चाहती थी? क्या उनके साथ अन्याय हुआ?
जवाब: पार्टी ने मुझे बहुत कुछ दिया है। पार्टी ने मुझे तीन बार लोकसभा का टिकट दिया है। मंडी से चुनाव जीतकर उन्होंने लोकसभा में जाकर हिमाचल की आवाज को बुलंद किया है। इस बार भी लोकसभा में लोग यही चाहते थे कि वह राज्यसभा जाएं, लेकिन यहां उनकी व्यक्तिगत बात नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के समर्थक हिमाचल प्रदेश के कोने-कोने में हैं, जहां भी जाएं वहां हजारों की तादाद में उनका समर्थन करते हैं। ऐसे लोगों की आवाज थी कि मुझे राज्यसभा में उन्हें जाने का मौका पार्टी देगी और कांग्रेस को दोबारा स्ट्रांग करने की बात लोग कह रहे थे। अगर मुझे पार्टी हाईकमान की ओर से यह मौका मिलता तो हिमाचल प्रदेश की आवाज, चाहे लोकसभा हो या राज्यसभा में बुलंद करतीं। लेकिन जो फैसला हाईकमान ने किया उसका स्वागत है। राहुल गांधी चाहते थे कि किसी युवा को मौका दिया जाए, तो उन्होंने एक नौजवान और पार्टी के कार्यकर्ता को चुना और राज्यसभा का टिकट दिया। मुझे पूरा विश्वास है कि जो भी उम्मीदें उन्हें अनुराग शर्मा से हैं, वह उसे बखूबी निभाएंगे ताकि जो लोगों की आशाएं हैं, वह उन्हें पूरा कर सकें।
सवाल: हिमाचल प्रदेश से जो राज्यसभा का चुनाव हुआ, क्या आप उससे संतुष्ट हैं? क्या पार्टी ने राजनेता की जगह पैसे वालों को राज्यसभा भेज दिया?
जवाब: ऐसी बात नहीं है। मीडिया के जरिए इस तरह की अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, लेकिन एक नौजवान को आगे आने का मौका दिया गया है। उम्मीद है कि सभी को साथ लेकर वह आगे चलेंगे, सबकी आवाज को सुनेंगे। हर क्षेत्र का दौरा करेंगे, सबको साथ लेकर चलेंगे। लोगों की समस्याओं को जानकर उसका समाधान करने का प्रयास करेंगे।
सवालः अभी हाल ही में हरियाणा में कांग्रेस के नेताओं ने साक्ष्य देकर आरोप लगाए हैं कि टिकट पैसे लेकर दिया गया। क्या हिमाचल में भी कुछ ऐसा ही हुआ है?
जवाबः इस तरह की कोई भी परिस्थितियाँ हिमाचल में नहीं बनी हैं।
--आईएएनएस
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