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आपात स्थितियों से निपटने के लिए अहमदाबाद एयरपोर्ट पर कई एजेंसियों ने की मॉक एक्सरसाइज

 

अहमदाबाद, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट पर यूएवी-ड्रोन हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए कई एजेंसियों की एक मॉक एक्सरसाइज की गई।

इस अभ्यास में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), एयरफोर्स, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), स्थानीय पुलिस, इंटलीजेंस ब्यूरो (आईबी), एयरक्राफ्ट रेस्क्यू और फायरफाइटिंग (एएआरएफएफ) ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। इसका मकसद आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई करना, तय प्रक्रियाओं की जांच करना और ड्रोन से जुड़ी संभावित सुरक्षा आपात स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालना था।

एक्सरसाइज के बाद इसमें शामिल एजेंसियों के साथ एक समीक्षा बैठक (डीब्रीफिंग सेशन) भी हुई। सीआईएसएफ ने कहा कि एयरपोर्ट सेक्टर तैयारी, आपसी तालमेल और लगातार सुधार के जरिए एयरपोर्ट की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके पहले 3 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सालाना एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज (एएचएमई-2026) का आयोजन किया गया। इसका मकसद विमान अपहरण जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा और आपातकालीन एजेंसियों की तैयारी को परखना था।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) एयरपोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इसकी जानकारी दी। सीआईएसएफ ने बताया कि इस ड्रिल में विमान अपहरण के हालात को बनाया गया और देखा गया कि सुरक्षा एजेंसियां कितनी तेजी और तालमेल से जवाब देती हैं। सीआईएसएफ के जवानों के साथ-साथ लोकल पुलिस, जिला प्रशासन, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई), एएआई फायर सर्विस, एयरलाइंस, मेडिकल टीम और अन्य संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

सीआईएसएफ ने कहा कि इस एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज (एएचएमई-2026) से विमान अपहरण जैसी स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए ऑपरेशनल तैयारी, आपसी तालमेल और रिस्पॉन्स सिस्टम को मजबूती मिली।

बता दें कि एंटी-हाइजैकिंग मॉक एक्सरसाइज (एएचएमई) एक सुरक्षा ड्रिल है, जो हर साल एयरपोर्ट पर की जाती है। इसका मकसद किसी वास्तविक विमान अपहरण के दौरान क्राइसिस रिस्पॉन्स, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) और एजेंसियों के बीच तालमेल को टेस्ट करना होता है।

--आईएएनएस

ओपी/पीएम