'आंदोलन आपका अधिकार, लेकिन इसके पीछे की ताकत पहचानिए', झारखंड प्रोटेस्ट पर बोले जेएमएम प्रवक्ता
रांची, 13 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के प्रवक्ता मनोज पांडे ने सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग को खारिज करते हुए कहा कि राज्य सरकार के पास परीक्षा रद्द करने का अधिकार नहीं है क्योंकि इसकी मॉनिटरिंग सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों को आंदोलन करने का अधिकार है, लेकिन इसके पीछे सक्रिय ताकतों की मंशा को भी समझने की जरूरत है।
जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडे ने कहा, "मुझे लगता है कि छात्रों को थोड़ी संजीदगी से उन विषयों को समझना होगा कि जहां राज्य सरकार का पावर नहीं है, वो हम कैसे कर सकते हैं? सीजीएल रद्द करने का अधिकार राज्य सरकार के पास नहीं है, क्योंकि उसकी मॉनिटरिंग सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट ने की थी, तो वो संभव प्रतीत नहीं होता है। दूसरी सीबीआई जांच की बात है, तो सीबीआई जांच क्यों हो? संजीव मुखिया रिहा किए गए, नीट घोटाले के किंगपिन जो थे, वो जांच सीआईडी ने तो नहीं किया था, सीबीआई ने ही किया था। जेपीएससी की पहली और दूसरी जो परीक्षाएं हुई थीं, उनकी जांच सीबीआई कर रही थी। नतीजा क्या निकला?"
जेएमएम प्रवक्ता ने कहा कि ये कैसे कहा जा सकता है कि कदाचार हुआ। चार्जशीट तो नहीं दी गई अभी, दोषी करार तो नहीं दिए गए? अभी तो अनुसंधान हो रहा है। सरकार कोर्ट नहीं जा सकती है। अगर ऐसा है, तो छात्र, छात्रों का प्रतिनिधिमंडल या भाजपा कोर्ट में चली जाए।
जेएमएम के प्रवक्ता मनोज पांडे ने सीएम हाउस के बाहर बैरिकेडिंग करने को लेकर कहा, "मुख्यमंत्री तो सुरक्षा में ही रहते हैं। प्रधानमंत्री महोदय कैसे रहते हैं? कहां बैरिकेडिंग नहीं होती है? वो जिला प्रशासन का काम है। सुरक्षा की जैसी धमकी आएगी, वैसा निर्णय लिया जाता है। यह कोई सरकार की या किसी पार्टी की बात थोड़ी है। घेराव करना छात्रों का अधिकार है, लोकतंत्र में विश्वास है तो आंदोलन को भी आपको स्वीकार करना होगा। हम आंदोलनकारी पार्टी से ही आते हैं। हम आंदोलन को गलत नहीं मानते हैं। आंदोलन करने के पीछे जो ताकतें सक्रिय हैं, जो शक्तियां सक्रिय हैं, उनकी मंशा क्या है, छात्रों को समझने की जरूरत है।"
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "जंतर-मंतर पर इन्हीं छात्रों पर गोलियां चलाई जाएगी, इनकी एक सांसद जेनजी को गटर जेनरेशन बोलेंगी, इनके सांसद बोलेंगे, ये भेड़िया हैं, दहशतगर्द हैं, पाकिस्तानी हैं, आज उसी छात्र के लिए आंसू निकलने लगे। ये छात्रों को समझने की आवश्यकता है।"
सीजेपी प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों पर लाठी चार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर उन्होंने कहा, "ये सरकार बहुत ज्यादा ढोल पीटती है, लेकिन दो सवालों का जवाब सदन में नहीं दे सकी। केंद्रीय गृह मंत्री सदन में उपस्थित नहीं हुए। ऐसा इतिहास में शायद ही कभी हुआ होगा। दो ही सवाल थे: पैलेट गन, कील लगी लाठियां और गोली किसने चलाई? और किसके आदेश पर चलाई गई? आपका आदेश था तो जिम्मेदारी लीजिए, आपका आदेश नहीं था तो जवाब दीजिए।"
--आईएएनएस
केके/एबीएम