आधार कार्ड यूजर्स ध्यान दें! नाम में सुधार के लिए क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेंट्स? जानिए स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग गलत है, शादी के बाद सरनेम बदलना है या फिर पूरा नाम बदलना चाहते हैं? तो आपके लिए यह जरूरी खबर है। UIDAI ने आधार में नाम अपडेट करने की प्रक्रिया को लेकर नए नियम और प्रक्रिया जारी की है। अब नाम में किए जाने वाले बदलाव की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग दस्तावेज और प्रक्रिया लागू हो सकती है।UIDAI के मुताबिक, आधार में नाम अपडेट कराने के लिए संबंधित व्यक्ति को अपनी स्थिति के अनुसार वैध पहचान और अन्य जरूरी दस्तावेज देने होंगे। जमा किए गए दस्तावेजों में नाम की जानकारी एक-दूसरे से मेल खाना भी जरूरी है।
1. नाम की छोटी गलती या स्पेलिंग सुधार
अगर आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग में मामूली गलती है, नाम का क्रम बदलना है या सरनेम में छोटा बदलाव करना है, तो इसे मामूली नाम अपडेट की श्रेणी में लिया जा सकता है। ऐसे मामलों में UIDAI के स्वीकार्य दस्तावेजों में से वैध पहचान प्रमाण देना होता है।नाबालिगों के मामले में परिवार या अभिभावक से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर भी कुछ अपडेट किए जा सकते हैं। UIDAI के नए नियमों में नाबालिग के नाम में सरनेम जोड़ने, हटाने या स्पेलिंग में बदलाव के लिए जन्म प्रमाण पत्र या कानूनी अभिभावक से जुड़ा दस्तावेज महत्वपूर्ण हो सकता है।
2. अगर आधार बनाते समय ऑपरेटर से नाम गलत दर्ज हो गया
कई बार व्यक्ति ने सही दस्तावेज दिए होते हैं, लेकिन आधार में डेटा एंट्री के दौरान नाम गलत दर्ज हो जाता है। ऐसे मामले में सुधार के लिए UIDAI की निर्धारित प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों के आधार पर अपडेट किया जा सकता है।ध्यान रखें कि आधार में नया नाम आपके वैध दस्तावेजों में दर्ज नाम से मेल खाना चाहिए। अलग-अलग दस्तावेजों में नाम अलग होने पर अपडेट रिक्वेस्ट में समस्या आ सकती है। UIDAI के नियमों के अनुसार जमा किए गए दस्तावेजों में नाम और जन्मतिथि की जानकारी में एकरूपता भी महत्वपूर्ण है।
3. शादी के बाद सरनेम बदलना है तो क्या करें?
शादी के बाद नाम या सरनेम बदलने की स्थिति में संबंधित नाम परिवर्तन को साबित करने वाले स्वीकार्य दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। UIDAI की जानकारी के मुताबिक, शादी जैसे जीवन की महत्वपूर्ण घटनाओं के कारण आधार में नाम और अन्य डेमोग्राफिक जानकारी अपडेट की जा सकती है।इसलिए शादी के बाद नाम बदलवाने वाले लोगों को अपने मैरिज सर्टिफिकेट या UIDAI की स्वीकार्य दस्तावेज सूची में शामिल अन्य प्रमाण के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
4. कुछ छोटे बदलावों में अलग दस्तावेज की जरूरत नहीं हो सकती
नाम में सिर्फ कैपिटल और स्मॉल लेटर की स्थिति सुधारने जैसे छोटे बदलाव अलग तरीके से प्रोसेस हो सकते हैं। लेकिन हर नाम परिवर्तन को बिना दस्तावेज के अपडेट किया जा सके, ऐसा नहीं है।UIDAI के नए SOP और नियमों में नाम अपडेट के अलग-अलग मामलों के लिए अलग प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इसलिए किसी एजेंट या सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी पर भरोसा करने के बजाय अपडेट कराने से पहले UIDAI की आधिकारिक दस्तावेज सूची जरूर देखें।
5. पूरा नाम बदलना है तो गजट नोटिफिकेशन जरूरी हो सकता है
अगर आप अपना पहला नाम या पूरा नाम बदलना चाहते हैं, तो सामान्य मामूली सुधार से अलग प्रक्रिया लागू हो सकती है। UIDAI की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, पहला नाम या पूरा नाम बदलने के लिए राज्य या केंद्र सरकार के गजट की अधिसूचना और पुराने नाम वाला पहचान प्रमाण देना होता है।ऐसे मामलों में UIDAI पुराने और नए नाम से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद अपडेट प्रक्रिया पूरी करता है।
आधार में नाम कितनी बार बदल सकते हैं?
UIDAI की FAQ जानकारी के अनुसार, सामान्य तौर पर आधार में नाम जीवन में दो बार अपडेट किया जा सकता है। अगर नाम अपडेट की सीमा पूरी हो चुकी है, तो आगे के बदलाव के लिए अपवाद प्रक्रिया और अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।
नाम अपडेट कराने से पहले ये बात जरूर याद रखें
आधार में नाम बदलवाने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेजों में नाम की स्पेलिंग और अन्य जानकारी अच्छी तरह जांच लें। UIDAI की प्रक्रिया में दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है और अपडेट का तरीका बदलाव के प्रकार पर निर्भर करता है।इसलिए अगर आपके आधार में नाम गलत है, शादी के बाद सरनेम बदलना है या पूरा नाम बदलना है, तो सबसे पहले UIDAI की मौजूदा दस्तावेज सूची और नाम अपडेट की आधिकारिक प्रक्रिया जरूर चेक करें।