दिल्ली के सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत ढही, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे 5 लोगों की मौत; मलबे से 9 का रेस्क्यू, कई छात्र थे मौजूद
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां एक 5 मंजिला पुरानी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसमें अब तक 5 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाकर 9 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, हादसे का शिकार हुई इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय इमारत में कई छात्र मौजूद थे। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में करीब 20 से 25 कमरे थे और प्रत्येक कमरे में लगभग दो छात्र रहते थे। हादसे के वक्त इमारत के अंदर 50 से ज्यादा लोग मौजूद होने की आशंका जताई गई है।
बेसमेंट में चल रही थी खुदाई
चश्मदीदों के मुताबिक, हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में खुदाई का काम चल रहा था। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि बेसमेंट में किए जा रहे निर्माण कार्य के कारण इमारत की नींव कमजोर हुई हो सकती है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक हादसे की असली वजह की पुष्टि नहीं की गई है। इमारत गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। भारी मात्रा में मलबा सड़क और आसपास के हिस्सों में फैल गया। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटीं टीमें
रेस्क्यू टीमों ने मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। बचावकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद कई लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आशंका जताई जा रही थी कि मलबे के नीचे अभी और लोग फंसे हो सकते हैं, जिसके चलते बचाव अभियान कई घंटे तक जारी रहा।
पीएम मोदी और राहुल गांधी ने जताया दुख
सत्य निकेतन हादसे को लेकर राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी घटना पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की खबर बेहद हृदयविदारक और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि खबरों के मुताबिक मलबे में कई लोग फंसे हुए हैं, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र भी शामिल हैं।राहुल गांधी ने NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और अन्य बचाव दलों से अपील की कि वे पूरी तत्परता के साथ मलबे में फंसे प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास करें। उन्होंने घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और लोगों की जान बचाने के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही।
पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद दिल्ली में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राजधानी में कई इलाकों में पुरानी इमारतों में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी इमारतों की नियमित जांच और निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।फिलहाल प्रशासन हादसे की जांच में जुटा है। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इमारत गिरने के पीछे असली कारण क्या था और क्या निर्माण कार्य में किसी तरह की लापरवाही हुई थी।