गौशाला में घुसकर 27 साल के युवक ने किया घिनौना काम, किया गया गिरफ्तार, जानें पूरा मामला
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के पंडोगा गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। यहां एक 27 वर्षीय युवक को गाय के साथ कथित रूप से अप्राकृतिक यौनाचार (बेस्टियलिटी) करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह घटना गौशाला में घटित हुई जहां आरोपी ने देर रात घुसकर यह घिनौना अपराध अंजाम दिया।
हलवाई निकला आरोपी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी युवक पेशे से हलवाई है और पास की एक मिठाई की दुकान में काम करता है। गौशाला के मालिक ने बताया कि युवक सोमवार रात को चोरी-छिपे उनके पड़ोसी की गौशाला में घुसा और वहां एक गाय के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया। जब इस बात की जानकारी स्थानीय लोगों को लगी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही हरोली पुलिस थाना की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की पुष्टि करते हुए हरोली के डीएसपी मोहन रावत ने बताया, “आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 377 (प्राकृतिक नियमों के विरुद्ध अप्राकृतिक यौन संबंध) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी और आरोपी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।”
क्या कहता है कानून?
भारत में जानवरों के साथ यौनाचार एक संगीन अपराध है। ऐसे मामलों में भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के तहत आरोपी को 10 साल तक की जेल या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। इसके साथ ही, “पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960” के तहत भी ऐसे कृत्य को अपराध माना जाता है, जिसमें जेल के साथ-साथ जुर्माने का भी प्रावधान है।
जनता में आक्रोश
घटना के सामने आने के बाद पूरे गांव और आस-पास के क्षेत्र में रोष का माहौल है। लोगों का कहना है कि गाय को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है और ऐसी घिनौनी हरकत करने वाला व्यक्ति समाज में रहने लायक नहीं है। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ जल्द और कठोरतम कार्रवाई की मांग की है।
सामाजिक व धार्मिक दृष्टिकोण से गंभीर मामला
भारत में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। इस घटना से न सिर्फ कानून और मानवता का अपमान हुआ है, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्थाओं को भी ठेस पहुंची है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ सजा ही नहीं, बल्कि मानसिक परीक्षण और पुनर्वास जैसे कदम भी जरूरी हैं, ताकि समाज में दोबारा ऐसी घटनाएं न हों।
निष्कर्ष
ऊना जिले से सामने आया यह मामला न केवल कानूनी, बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत गंभीर है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और जांच जारी है। उम्मीद की जा रही है कि न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी और आरोपी को सख्त सजा दी जाएगी ताकि समाज में ऐसी शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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