95 साल के दादाजी ने शुरू किया पहला व्लॉग, सोशल मीडिया पर मचाया धमाल
सोशल मीडिया की दुनिया में यह कहना मुश्किल है कि कब और कौन रातोंरात पब्लिक का दिल जीत लेगा। लेकिन इस बार इंटरनेट पर तहलका मचाने वाला शख्स अपनी उम्र की वजह से लोगों को दंग कर रहा है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले 95 साल के सुवर्षी नाम के दादाजी ने इस उम्र में अपना पहला व्लॉग शुरू किया है। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और दर्शक उनकी बहादुरी और उत्साह की तारीफ कर रहे हैं।
वीडियो में देखा जा सकता है कि सुवर्षी दादाजी अपने दिनचर्या, अनुभव और जिंदगी के छोटे-छोटे पलों को कैमरे के सामने साझा कर रहे हैं। उनका आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण दर्शकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। नेटिजन्स कह रहे हैं कि यह साबित करता है कि उम्र कभी सपनों के आड़े नहीं आती।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर यह वीडियो धड़ल्ले से वायरल हो रहा है। लोग कमेंट कर रहे हैं कि 95 साल की उम्र में भी इस तरह के क्रिएटिव और डिजिटल एक्सप्रेशन का साहस दिखाना वाकई में काबिले तारीफ है। कई लोग इसे अपनी जिंदगी में प्रेरणा मानकर अपनी रुचियों और शौक पूरे करने की सोच रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बुजुर्गों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर क्रिएटिव कंटेंट बनाना और शेयर करना मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। यह उन्हें सक्रिय रखता है, आत्मविश्वास देता है और नई पीढ़ी के साथ जुड़ने का मौका भी देता है। सुवर्षी दादाजी का व्लॉग इसी बात का जिंदा उदाहरण है।
वीडियो की खासियत यह है कि इसमें उम्र केवल एक संख्या के रूप में मौजूद है। सुवर्षी दादाजी ने दिखा दिया कि सपने और रुचियां किसी उम्र की मोहताज नहीं होतीं। उनकी सहजता, मुस्कान और कहानी कहने का अंदाज दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।
कुल मिलाकर, यह वायरल वीडियो केवल मनोरंजन का साधन नहीं बन पाया, बल्कि यह प्रेरणा और सकारात्मकता का संदेश भी देता है। 95 साल की उम्र में सुवर्षी दादाजी ने साबित किया कि नई चीजें सीखने और अपनी प्रतिभा दिखाने की क्षमता किसी उम्र में कम नहीं होती।
सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह वीडियो युवाओं और बुजुर्गों दोनों के लिए प्रेरक बन गया है। नेटिजन्स इसे देखकर कह रहे हैं कि अगर 95 साल की उम्र में भी कोई अपना व्लॉग शुरू कर सकता है, तो युवा और मध्यम उम्र के लोग अपने सपनों और रुचियों को क्यों नहीं पूरा कर सकते।
सुवर्षी दादाजी की यह कहानी इंटरनेट पर सिर्फ वायरल नहीं हुई, बल्कि लोगों के दिलों में उम्मीद और प्रेरणा की किरण भी जगा गई। उनका व्लॉग यह संदेश देता है कि उम्र कभी बाधा नहीं बनती, अगर जुनून और उत्साह हों।