9 सितंबर का पंचांग: मासिक शिवरात्रि पर करें भगवान शिव की पूजा, सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक अभिजित मुहूर्त
नई दिल्ली, 8 सितंबर (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है जो सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित है।
9 सितंबर 2026 (बुधवार) को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन मासिक शिवरात्रि का पर्व है, इसलिए भगवान शिवरात्रि की पूजा करना फलदाई रहेगा। शिव जी की आराधना करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति मिलती है।
बुधवार सुबह 6:15 बजे सूर्योदय और शाम 6:33 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, सुबह 4:07 बजे चंद्रोदय और शाम 5:27 बजे चंद्रास्त होगा। पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्य पूर्व फाल्गुनी नक्षत्र में रहेगा, जबकि चंद्रमा दोपहर 3:14 बजे तक आश्लेषा नक्षत्र में रहेगा, इसके बाद मघा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
बुधवार को रात 9:52 बजे तक शिव योग रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग शुरू हो जाएगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:43 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। अमृत काल दोपहर 1:42 से 3:12 बजे तक रहेगा।
वहीं, राहुकाल दोपहर 12:24 बजे से 1:56 बजे और गुलिक काल सुबह 10:52 से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, यमगंड काल सुबह 7:47 से 9:19 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।
बुधवार को इस दिन सूर्य सिंह राशि में स्थित रहेगा जबकि चंद्रमा कर्क राशि में स्थित रहेगा, और शाम को सिंह राशि में प्रवेश करेगा। उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना अनिवार्य हो, तो कुछ विशेष ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।
--आईएएनएस
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