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'85 प्रतिशत अनुवाद में एआई का इस्तेमाल, 1,000 सुरक्षित केंद्र', एनटीए ने नीट सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट को दी जानकारी

 

नई दिल्ली, 29 मई (आईएएनएस)। 'नीट यूजी 2026' पेपर लीक मामले में एनटीए ने सुप्रीम कोर्ट में अपना विस्तृत जवाब दाखिल किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहले ही कई ठोस कदम उठाए जा चुके हैं और भविष्य में भी मजबूत व्यवस्था लागू की जाएगी।

एनटीए ने अपने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया कि हाई स्टेक परीक्षाओं में पेपर सेटर, मॉडरेटर, अनुवादक, प्रूफरीडर आदि को चुनने के लिए रैंडमाइजेशन और रोटेशन पॉलिसी को संस्थागत रूप दिया जा रहा है। साथ ही, परीक्षा से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के बैकग्राउंड को चेक करने में सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

मानवीय हस्तक्षेप को कम करने और सुरक्षा जोखिम घटाने के लिए एनटीए अब अनुवाद कार्य के कम से कम 85 प्रतिशत हिस्से में एआई-बेस्ड टूल्स का उपयोग करेगी। इससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और सुरक्षित होगी।

एनटीए ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए देशभर के जाने-माने सरकारी संस्थानों में कम से कम 1,000 अत्याधुनिक सुरक्षित टेस्टिंग सेंटर बनाने की योजना है। इन केंद्रों पर क्लाउड-बेस्ड इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई-एमएल, ब्लॉकचेन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। पूरी प्लानिंग और एग्जीक्यूशन प्रोसेस की अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ निगरानी की जाएगी।

तकनीकी मजबूती की बात करें तो सभी परीक्षा केंद्रों पर एआई-इनेबल्ड रियल-टाइम सीसीटीवी मॉनिटरिंग लागू की जा रही है। एडवांस्ड साइबर सिक्योरिटी सिस्टम और नेक्स्ट-जनरेशन फायरवॉल लगाए गए हैं। परीक्षा डिलीवरी और रिजल्ट प्रोसेसिंग के लिए आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह अपग्रेड किया गया है।

एनटीए का कहना है कि इन सभी उपायों से पेपर लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सकेगा। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में आश्वासन दिया कि परीक्षाओं की पवित्रता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

'नीट यूजी 2026' में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों के बाद देशभर में व्यापक विरोध-प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद परीक्षा रद्द करनी पड़ी। अब 21 जून को री-एग्जाम प्रस्तावित है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें एनटीए से जवाब मांगा गया था।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम