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चेन्नई में CM विजय के काफिले तक पहुंचे 8 लोग: पुलिस बैरिकेड तोड़ने का आरोप, फुटेज में देंखे कांस्टेबल घायल; आकाश डेलिसन की मौत की जांच की मांग

 

चेन्नई में गुरुवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया। सचिवालय के पास एक दंपती समेत 8 लोगों ने मुख्यमंत्री के काफिले को रोककर ज्ञापन देने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, सभी लोग मार्च में पुलिस हिरासत के दौरान जान गंवाने वाले युवक आकाश डेलिसन के परिजन और समर्थक बताए जा रहे हैं। वे आकाश की मौत के मामले की जांच CB-CID से कराने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने सभी 8 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, विधानसभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद इन्हें छोड़ा जा सकता है।

बैरिकेड पार करने की कोशिश का आरोप

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पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री के काफिले के रास्ते में लगाए गए बैरिकेड को पार करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान एक कांस्टेबल गिर गया और उसे मामूली चोट आई।पुलिस का आरोप है कि राजेश कन्नन ने बैरिकेड तोड़ दिया और मुख्यमंत्री के काफिले की ओर दौड़ने लगे। उन्हें रोकने पहुंचे कांस्टेबल रामकुमार के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की हुई।पुलिस के मुताबिक, राजेश कन्नन ने कांस्टेबल रामकुमार के सीने पर मुक्का मारा। घटना के बाद रामकुमार ने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया।

दंपती समेत 8 लोग हिरासत में

पुलिस ने राजेश कन्नन और उनकी पत्नी आनंदी समेत कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी से घटना और प्रदर्शन के पीछे की वजह को लेकर पूछताछ की जा रही है।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका मकसद मुख्यमंत्री के काफिले को रोककर आकाश डेलिसन की मौत के मामले में न्याय की मांग करना था। वे मामले की जांच CB-CID से कराने की मांग कर रहे थे।

मार्च में पुलिस हिरासत में हुई थी आकाश की मौत

आकाश डेलिसन की मौत मार्च में पुलिस हिरासत के दौरान हुई थी। उनकी मौत को लेकर परिजनों की ओर से जांच की मांग की जा रही है। इसी मांग को लेकर गुरुवार को प्रदर्शनकारी सचिवालय के पास पहुंचे थे।परिजनों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मौत के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर वे मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे।

विधानसभा की कार्यवाही के बाद छोड़े जा सकते हैं

पुलिस ने घटना के बाद सभी 8 लोगों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है और विधानसभा की कार्यवाही खत्म होने के बाद उन्हें छोड़ा जा सकता है।मुख्यमंत्री के काफिले की सुरक्षा तोड़ने की कोशिश और पुलिसकर्मी के घायल होने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस अब प्रदर्शनकारियों के काफिले तक पहुंचने और बैरिकेड तोड़ने की पूरी घटना की जांच कर रही है।