8 जुलाई का पंचांग: अभिजित मुहूर्त सुबह 11:59 से दोपहर 12:55 बजे तक, सुबह 5:51 बजे सूर्योदय
नई दिल्ली, 7 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का काफी महत्व होता है। कोई शुभ काम, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ करने से पहले पंचांग जरूर देखा जाता है। पंचांग हिंदू काल-गणना पद्धति है; यह सूर्य, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर आधारित होता है।
8 जुलाई 2026 (बुधवार) को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 12:21 बजे तक है; इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी।
बुधवार को अमृत काल दोपहर 1:37 बजे पर शुरू होकर दोपहर 3:11 बजे तक रहेगा। जबकि सुबह 4:15 बजे से 5:03 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त रहेगा।
इस दिन सुबह 5:51 बजे सूर्योदय और शाम 7:12 बजे सूर्यास्त होगा। वहीं, रात 12:35 बजे चन्द्रोदय और दोपहर 1:00 बजे चन्द्रास्त होगा।
पंचांग के अनुसार, 8 जुलाई 2026 को सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा दोपहर 4 बजे तक रेवती नक्षत्र रहेगा। इसके बाद अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
वहीं, 8 जुलाई 2026 (बुधवार) को सुबह 8:07 बजे हर्षण योग प्रभावी रहेगा। इसके बाद वज्र योग लग जाएगा। पंचांग के अनुसार, इस दिन अतिगंड योग रहेगा।
बुधवार को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:59 से दोपहर 12:55 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। इस दौरान बिना किसी राहुकाल या अन्य अशुभ समय की चिंता किए कोई भी महत्वपूर्ण कार्य, पूजा या व्यापार शुरू किया जा सकता है।
वहीं, राहुकाल दोपहर 12:26 बजे से 2:10 बजे तक रहेगा, गुलिक काल दोपहर 1:12 बजे से सुबह 11:56 बजे तक के बीच रहेगा।
यमगंड काल सुबह 7:14 से 08:59 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए क्योंकि इनको अशुभ समय माना जाता है।
वहीं, 8 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि में गोचर करेंगे और चंद्रमा मीन राशि में गोचर करेगा।
8 जुलाई 2026 (बुधवार) को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के मुताबिक, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। अगर यात्रा करना आवश्यक भी है, तो कुछ अचूक ज्योतिषीय उपायों का पालन करना चाहिए।
--आईएएनएस
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