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पीएम मोदी से मुलाकात के 8 दिन बाद 81 साल के बुजुर्ग को राहत, वीडियो में जाने BJP विधायक ने जमीन का कब्जा छोड़ने की कही बात

 

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले 81 वर्षीय असगरअली वोहरा के लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद में नया मोड़ आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के करीब आठ दिन बाद भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन से कब्जा छोड़ने और उससे संबंधित कंस्ट्रक्शन परमिट सरेंडर करने की बात कही है। इस घटनाक्रम के बाद असगरअली वोहरा को मामले में राहत मिलने की उम्मीद जगी है।

दरअसल, वोहरा ने 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने कथित जमीन विवाद में प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने और मामले की CBI जांच कराने की मांग की थी। दोनों की मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई थीं। इसके बाद अब भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की ओर से विवादित जमीन से जुड़े निर्माण परमिट को सरेंडर करने और जमीन का कब्जा छोड़ने की बात सामने आई है।

15 साल से चल रहा है जमीन विवाद

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असगरअली वोहरा का दावा है कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से जमीन से जुड़े विवाद को लेकर अलग-अलग सरकारी विभागों के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने मामले के समाधान के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई जगह शिकायतें और आवेदन दिए, लेकिन उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी।वोहरा के मुताबिक, विवादित जमीन को लेकर लंबे समय से अलग-अलग स्तर पर मामला चल रहा था। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रधानमंत्री के सामने भी अपनी बात रखी।अब विधायक की ओर से कब्जा छोड़ने और निर्माण परमिट सरेंडर करने की बात सामने आने के बाद इस विवाद के आगे बढ़ने की स्थिति बदल सकती है।

पीएम मोदी से मुलाकात की तस्वीरें आई थीं सामने

8 सितंबर को असगरअली वोहरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया और सार्वजनिक तौर पर सामने आईं। वोहरा ने प्रधानमंत्री के सामने अपनी समस्या रखते हुए जमीन विवाद में हस्तक्षेप करने की मांग की थी।वोहरा का एक और दावा इस मुलाकात के दौरान चर्चा में रहा। उन्होंने कहा कि उन्होंने गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पढ़ाई की थी। इसी पुराने परिचय के आधार पर उन्होंने प्रधानमंत्री से अपनी समस्या पर ध्यान देने का आग्रह किया।हालांकि, जमीन विवाद से जुड़े सभी दावों और घटनाक्रम को संबंधित दस्तावेजों तथा आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही अंतिम रूप से देखा जाना है।

विधायक ने क्या कहा?

पीएम मोदी से मुलाकात के कुछ दिन बाद भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने विवादित जमीन से जुड़े मामले में अपना रुख सामने रखा। उन्होंने जमीन का कब्जा छोड़ने और कंस्ट्रक्शन परमिट सरेंडर करने की बात कही है।इस घटनाक्रम से करीब 15 साल से चल रहे विवाद के समाधान की उम्मीद बढ़ी है। असगरअली वोहरा की ओर से जमीन विवाद में CBI जांच की मांग भी की गई थी। अब विधायक के रुख के बाद देखना होगा कि संबंधित सरकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करते हैं।फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मीरा रोड के जमीन विवाद में एक नया मोड़ जरूर आया है। 81 वर्षीय असगरअली वोहरा लंबे समय से जिस मामले को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की बात कह रहे थे, उसमें अब जमीन का कब्जा और निर्माण परमिट सरेंडर करने के प्रस्ताव के बाद समाधान की प्रक्रिया आगे बढ़ने की संभावना है।