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INDIA ब्लॉक की 7वीं बैठक: 25 दलों की मौजूदगी में 5 मुद्दों पर सहमति, वीडियो में जाने नीट विवाद पर सरकार को घेरा

 

दो साल के अंतराल के बाद सोमवार को विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की 7वीं महत्वपूर्ण बैठक राजधानी दिल्ली में आयोजित हुई। इस बैठक में देश के 25 राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया, जिससे इसे आगामी राजनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

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बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी, एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले, वरिष्ठ वकील और नेता कपिल सिब्बल समेत कई प्रमुख चेहरे शामिल हुए। वहीं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वर्चुअली बैठक में भाग लिया।

2 घंटे से ज्यादा चली बैठक, 5 बड़े मुद्दों पर सहमति

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि यह बैठक 2 घंटे से अधिक समय तक चली और इसमें गठबंधन के भीतर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनी है।खड़गे के अनुसार, बैठक में कुल 5 प्रमुख मुद्दों पर एकमत सहमति बनी, जिनमें देश की आर्थिक स्थिति, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता, बेरोजगारी, सामाजिक न्याय और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।उन्होंने दावा किया कि INDIA ब्लॉक आने वाले समय में इन मुद्दों को लेकर एक साझा रणनीति के तहत जनता के बीच जाएगा।

नीट और CBSE विवाद पर सरकार पर हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे तीखा मुद्दा नीट (NEET) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों का रहा। खड़गे ने आरोप लगाया कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ “धोखा” हुआ है और परीक्षा प्रणाली में गंभीर खामियां उजागर हुई हैं।उन्होंने कहा कि केवल NEET ही नहीं, बल्कि CBSE परीक्षा व्यवस्था में भी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई हैं, जिसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है।कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी मांग की कि शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

विपक्ष की रणनीति पर नजर

INDIA ब्लॉक की यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब देश की राजनीति में चुनावी सरगर्मियां लगातार तेज हो रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के जरिए विपक्षी दलों ने एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की है और आने वाले समय में सरकार के खिलाफ मुद्दों को और आक्रामक तरीके से उठाया जा सकता है।हालांकि गठबंधन के भीतर कई राज्यों में राजनीतिक मतभेद भी रहे हैं, लेकिन नेताओं का दावा है कि साझा मुद्दों पर सहयोग जारी रहेगा।

आगे की राह

बैठक के बाद INDIA ब्लॉक ने यह संकेत दिया है कि वह जल्द ही देशव्यापी अभियान शुरू कर सकता है, जिसमें बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को केंद्र में रखा जाएगा।फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह गठबंधन आगामी राजनीतिक मुकाबलों में एकजुट रणनीति के साथ आगे बढ़ पाएगा या नहीं।