7 अक्टूबर 2023 के बाद क्या मध्य पूर्व में बदले हालात? सात मोर्चों की इजरायल क्यों करता है बात
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। तीन साल पहले 7 अक्टूबर 2023 की वो सुबह इजरायल के लिए कुछ अलग थी। एक ऐसा संघर्ष शुरू हुआ जो अब तक जारी है। ये सैन्य टकराव में बदल गया जो आज सिर्फ इजरायल और गाजा के बीच की लड़ाई तक सीमित नहीं रहा। उस दिन दक्षिणी इजरायल पर हुए हमले के बाद शुरू हुई सैन्य कार्रवाई धीरे-धीरे एक ऐसे क्षेत्रीय संघर्ष में बदल गई, जिसके तार गाजा से निकलकर लेबनान, सीरिया, इराक, यमन और ईरान तक पहुंच गए। वेस्ट बैंक भी इस संघर्ष की एक अहम कड़ी बन गया।
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास हमले की पूर्व संध्या पर कैबिनेट मीट में भी सात मोर्चों का जिक्र किया। 7 अक्टूबर के बाद से ही इजरायल इसे “सात मोर्चों” की लड़ाई के रूप में देखता रहा है। इन मोर्चों में गाजा, वेस्ट बैंक, लेबनान, सीरिया, इराक, यमन और ईरान शामिल हैं।
7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले ने इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत की। हमले के बाद इजरायल ने गाजा में बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया। लेकिन कुछ ही दिनों में यह स्पष्ट होने लगा कि संघर्ष का असर गाजा की सीमा से बाहर भी जा रहा है।
हमास के सरप्राइज अटैक के अगले ही दिन लेबनान स्थित हिजबुल्लाह ने इजरायल के उत्तरी हिस्से में हमले शुरू कर दिए। संगठन ने इसे गाजा के समर्थन में की गई कार्रवाई बताया। इसके बाद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सीमा पार हमलों का सिलसिला शुरू हुआ, जो आगे चलकर बड़े सैन्य टकराव में बदल गया।
इसका सीधा असर दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ा। हजारों इजरायली नागरिकों को उत्तरी इलाकों से हटाया गया और दक्षिणी लेबनान भी लगातार सैन्य कार्रवाई का क्षेत्र बन गया।
2024 में इसका रूप और भयावह हो गया। हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई तेज हुई और सितंबर 2024 में संगठन के नेता हसन नसरल्लाह की मौत और इसके बाद दक्षिणी लेबनान में इजरायली जमीनी अभियान ने संघर्ष को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया।
फिर युद्ध का एक और बड़ा विस्तार हुआ! यमन भी इसमें शामिल हो गया। हूती विद्रोहियों ने गाजा के समर्थन में इजरायल की ओर मिसाइल और ड्रोन दागने शुरू किए। बाद में उनका निशाना लाल सागर से गुजरने वाले कमर्शियल जहाज भी बने।
यहीं से गाजा युद्ध का असर वैश्विक व्यापार तक पहुंच गया। लाल सागर में जहाजों पर हमलों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को अपना रास्ता बदलना पड़ा और अफ्रीका के दक्षिणी सिरे से होकर लंबा रास्ता अपनाना पड़ा। यानी 7 अक्टूबर के बाद शुरू हुआ संघर्ष पहली बार बड़े पैमाने पर वैश्विक समुद्री व्यापार की सुरक्षा का मुद्दा बन गया।
2026 में लाल सागर और बाब अल-मंदेब की सुरक्षा फिर से गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। हाल के दिनों में हूती गतिविधियों और समुद्री मार्गों पर बढ़ते दबाव ने क्षेत्रीय संघर्ष को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जोड़ दिया है।
गाजा युद्ध शुरू होने के बाद इराक और सीरिया में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों ने भी अमेरिकी सैनिकों और ठिकानों को निशाना बनाना शुरू किया। 2023 के अंत में इन हमलों की संख्या तेजी से बढ़ी।
इससे अमेरिका भी अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्रीय संघर्ष में और गहराई से शामिल हुआ। इजरायल-हमास युद्ध अब केवल दो पक्षों का सैन्य टकराव नहीं रह गया था, बल्कि इसमें अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी तथा समर्थित समूह अलग-अलग स्तरों पर शामिल होते चले गए।
सीरिया भी इस पूरे संघर्ष का महत्वपूर्ण मैदान बना रहा, क्योंकि वहां ईरान से जुड़े सैन्य ढांचे और हथियारों की आपूर्ति को लेकर इजरायल लंबे समय से कार्रवाई करता रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब इजरायल और ईरान के बीच वर्षों से चल रहा अप्रत्यक्ष संघर्ष सीधे सैन्य टकराव में बदल गया। अप्रैल 2024 में ईरान ने इजरायल पर पहली बार बड़े पैमाने पर सीधे ड्रोन और मिसाइल हमले दागे। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीधा सैन्य टकराव एक नई वास्तविकता बन गया।
संघर्ष का दायरा और बढ़ा और 2025 तथा 2026 में ईरान से जुड़े घटनाक्रमों ने पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा व्यवस्था को अपने लपेटे में ले लिया। अब सवाल केवल यह नहीं था कि गाजा में युद्ध कब खत्म होगा, बल्कि यह भी था कि इजरायल और ईरान के बीच तनाव किस स्तर तक जा सकता है।
इसके साथ ही गाजा युद्ध का असर वेस्ट बैंक में भी दिखाई देने लगा है। इजरायली सैन्य कार्रवाई और फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों के बीच संघर्ष बढ़ा, वहीं इजरायली बस्तियों और फिलिस्तीनी समुदायों के बीच तनाव भी गहरा हुआ।
एसीएलईडी (सशस्त्र संघर्ष स्थान एवं घटना डेटा) के अनुसार, 7 अक्टूबर के बाद वेस्ट बैंक में हिंसा दूसरी इंतिफादा के बाद के वर्षों के मुकाबले काफी बढ़ी। 2025 में उत्तरी वेस्ट बैंक में इजरायली सैन्य अभियान के दौरान बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी विस्थापित हुए।
इस तरह वेस्ट बैंक भी गाजा युद्ध की परिधि से बाहर होते हुए उसी व्यापक क्षेत्रीय संकट का हिस्सा बन गया।
7 अक्टूबर 2023 से पहले भी मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच तनाव, हिजबुल्लाह-इजरायल टकराव और यमन का संकट मौजूद था। लेकिन तीन साल पहले की उस तारीख ने बहुत कुछ बदल दिया। इन अलग-अलग संघर्षों के बीच संबंध ज्यादा स्पष्ट और प्रत्यक्ष हो गए।
एक तरफ गाजा युद्ध चलता रहा, दूसरी तरफ लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष, यमन में हूती हमले, इराक और सीरिया में ईरान समर्थित समूहों की गतिविधियां, और अंततः ईरान के साथ सीधा टकराव सामने आया। विश्लेषकों ने इसे क्षेत्रीय संघर्ष के फैलाव के रूप में देखा है।
लाल सागर से लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य तक समुद्री मार्गों की सुरक्षा अब मध्य पूर्व के युद्ध की व्यापक कहानी का हिस्सा बन गई है।
तीन साल बाद युद्ध की तस्वीर इसलिए सिर्फ गाजा की तस्वीर नहीं है। यह सात अलग-अलग मोर्चों, समुद्री व्यापार मार्गों, क्षेत्रीय शक्तियों और वैश्विक कूटनीति से जुड़ा एक जटिल संकट बन चुका है।
--आईएएनएस
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