7 मई का पंचांग : ज्येष्ठ कृष्ण की पंचमी तिथि, अभिजित के साथ विजय मुहूर्त का संयोग, नोट कर लें राहुकाल
नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 7 मई (गुरुवार) को सूर्योदय के समय रहेगी। इस दिन पंचमी तिथि 10 बजकर 13 मिनट सुबह तक रहेगी। यानी उदयातिथि के हिसाब से पूरे दिन इसी तिथि का मान होगा। सनातन में यह दिन खास है क्योंकि अभिजित मुहूर्त और विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है, जो किसी नए कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम है।
गुरुवार को सूर्योदय 5 बजकर 36 मिनट पर होगा जबकि सूर्यास्त 7 बजे शाम को होगा। पंचांग विवरण देखें तो तिथि कृष्ण पक्ष की पंचमी 10 बजकर 13 तक रहेगी, इसके बाद षष्ठी शुरू होगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार पंचमी तिथि ही रहेगी। नक्षत्र पूर्वाषाढा शाम 6 बजकर 46 मिनट तक, इसके बाद उत्तराषाढा नक्षत्र लग जाएगा। योग साध्य व करण तैतिल रहेगा।
इस दिन अभिजित मुहूर्त के साथ विजय मुहूर्त का संयोग है, जो शुभ फल देने वाला माना जाता है। नए कार्य, यात्रा, महत्वपूर्ण फैसले या शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ के लिए यह समय अच्छा रहेगा।
पंचमी तिथि के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 11 मिनट से 4 बजकर 53 मिनट तक। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 32 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट।
गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 59 मिनट से 7 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। अमृत काल दोपहर 1 बजकर 23 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। वहीं, निशिता मुहूर्त 11 बजकर 56 मिनट रात से देर रात 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।
गुरुवार के अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 39 मिनट तक। इस समय किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने से बचना चाहिए। यमगण्ड सुबह 5 बजकर 36 मिनट से 7 बजकर 16 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 8 बजकर 57 मिनट से 10 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।
इसके अलावा, दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 4 मिनट से 10 बजकर 57 मिनट तक, विडाल योग शाम 6 बजकर 46 मिनट से अगले दिन सुबह 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार राहुकाल या अन्य अशुभ समय के दौरान महत्वपूर्ण काम टाल देना उचित रहता है।
--आईएएनएस
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