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7 अगस्त 2026 का पंचांग: वृषभ राशि में रहेगा चंद्रमा, जानें तिथि, नक्षत्र, शुभ-अशुभ समय और खास योग

 

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के जरिए दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के साथ-साथ शुभ और अशुभ समय की जानकारी मिलती है। लोग पूजा-पाठ, धार्मिक काम, नए कार्य की शुरुआत और जरूरी फैसले लेने से पहले पंचांग को देखते हैं। शुक्रवार, 7 अगस्त का दिन भी पंचांग के अनुसार कई खास जानकारियां लेकर आया है। इस दिन श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि रहेगी और शाम के बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। वहीं चंद्रमा पूरे दिन वृषभ राशि में रहेगा।

पंचांग के अनुसार, शुक्रवार को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि शाम 4 बजकर 37 मिनट तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन 8 अगस्त दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। हिंदू पंचांग में हर तिथि का अपना महत्व होता है और धार्मिक कार्यों में तिथि को ध्यान में रखा जाता है।

इस दिन नक्षत्र की बात करें तो कृत्तिका नक्षत्र शाम 6 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा, जो 8 अगस्त शाम 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में रोहिणी नक्षत्र को शुभ नक्षत्रों में से एक माना जाता है। इस दिन चंद्रमा पूरे दिन और रात वृषभ राशि में ही रहेगा।

योग की बात करें तो 7 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 10 मिनट तक वृद्धि योग रहेगा। इसके बाद ध्रुव योग शुरू होगा, जो अगले दिन सुबह 9 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। वृद्धि योग को उन्नति और तरक्की से जुड़ा माना जाता है, जबकि ध्रुव योग मजबूती का संकेत देता है।

करण की स्थिति देखें तो गर करण शाम 4 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण शुरू होगा, जो 8 अगस्त सुबह 3 बजकर 21 मिनट तक रहेगा। इसके बाद विष्टि करण शुरू हो जाएगा। पंचांग में करण को भी शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

उज्जैन, मध्य प्रदेश के पंचांग के अनुसार 7 अगस्त को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 3 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 1 मिनट पर होगा। चंद्रमा रात 12 बजे उदय होगा और दोपहर 2 बजकर 2 मिनट पर अस्त होगा। इस दिन दक्षिणायन रहेगा।

शुभ समय की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। अमृत काल शाम 4 बजकर 27 मिनट से 5 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 27 मिनट से 5 बजकर 15 मिनट तक रहेगा, जिसे ध्यान, पूजा और आध्यात्मिक कार्यों के लिए खास माना जाता है।

दिन के अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 10 बजकर 55 मिनट से दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। इस समय को शुभ कार्यों के लिए टालने की सलाह दी जाती है। यम गंड का समय दोपहर 3 बजकर 46 मिनट से शाम 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। वहीं कुलिक काल सुबह 7 बजकर 41 मिनट से 9 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त का समय सुबह 8 बजकर 39 मिनट से 9 बजकर 31 मिनट तक और दोपहर 12 बजकर 58 मिनट से 1 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इस समय में भी शुभ काम करने से बचने की सलाह दी जाती है।

इस दिन आनंदादि योग में छत्र योग शाम 6 बजकर 43 मिनट तक रहेगा और उसके बाद मित्र योग शुरू होगा। इसके अलावा 8 अगस्त को रोहिणी नक्षत्र और शनिवार के संयोग से अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा। यह योग सुबह 6 बजकर 4 मिनट से शाम 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।

--आईएएनएस

पीके/पीएम