UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में भारत की 5 नई साइटें शामिल, मध्य प्रदेश की 4 ऐतिहासिक धरोहरों को जगह
भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा में एक और अहम कदम मिला है। UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज टेंटेटिव लिस्ट में भारत की पांच नई साइटों को शामिल किया गया है। इनमें चार महत्वपूर्ण स्थल मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से हैं, जबकि पांचवीं एंट्री भारत और दक्षिण अफ्रीका से जुड़ी ‘साइट्स ऑफ सत्याग्रह’ है। नई एंट्री के बाद UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में भारत की साइटों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है।
मध्य प्रदेश की चार ऐतिहासिक धरोहरें शामिल
नई सूची में मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की उदयगिरि गुफाएं, धार जिले की बाघ गुफा चित्रकारी, मुरैना जिले में चंबल घाटी के मंदिर समूह और रायसेन जिले का गिन्नौरगढ़ किला शामिल किया गया है।उदयगिरि की गुफाएं अपनी प्राचीन शिल्पकला और धार्मिक महत्व के लिए जानी जाती हैं। यहां चट्टानों को काटकर बनाए गए कई मंदिर और मूर्तियां मौजूद हैं। वहीं धार जिले की बाघ गुफाएं प्राचीन भित्ति चित्रों के लिए प्रसिद्ध हैं। इन चित्रों में तत्कालीन कला और संस्कृति की झलक देखने को मिलती है।मुरैना की चंबल घाटी में स्थित मंदिर समूह भी स्थापत्य और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा रायसेन का गिन्नौरगढ़ किला मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक किला वास्तुकला और क्षेत्रीय इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर माना जाता है।
‘साइट्स ऑफ सत्याग्रह’ को भी मिली जगह
पांचवीं नई एंट्री ‘साइट्स ऑफ सत्याग्रह’ है, जो भारत और दक्षिण अफ्रीका से जुड़ी है। यह महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन और उनके दक्षिण अफ्रीका तथा भारत में सामाजिक-राजनीतिक संघर्षों से जुड़े स्थलों को दर्शाती है।इस एंट्री के जरिए उन स्थानों के ऐतिहासिक महत्व को सामने लाने की कोशिश की गई है, जो सत्याग्रह के विकास और उसके प्रभाव से जुड़े रहे हैं।
अभी नहीं मिला वर्ल्ड हेरिटेज साइट का अंतिम दर्जा
हालांकि इन पांचों स्थलों को UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में जगह मिली है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें अभी UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट का अंतिम दर्जा मिल गया है।किसी स्थल को विश्व धरोहर का दर्जा देने की प्रक्रिया में पहले उसे संबंधित देश की Tentative List में शामिल किया जाता है। इसके बाद नामांकन और मूल्यांकन की प्रक्रिया होती है। सभी मानकों को पूरा करने पर ही किसी स्थल को UNESCO की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल करने पर अंतिम फैसला लिया जाता है।नई पांच एंट्री के साथ भारत की टेंटेटिव लिस्ट में अब कुल 78 साइटें हो गई हैं। मध्य प्रदेश की चार नई धरोहरों का शामिल होना राज्य की ऐतिहासिक, स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।