5 साल में 23 IIT में 45 छात्रों ने की आत्महत्या, हैदराबाद में सबसे ज्यादा 7 मामले; आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता
देश के 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों यानी IIT में पिछले पांच वर्षों के दौरान 45 छात्रों ने आत्महत्या की। यह आंकड़ा 2020-21 से 2024-25 की अवधि का है और सभी IIT से जुटाई गई आधिकारिक जानकारी के आधार पर सामने आया है। आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा 7 आत्महत्या के मामले IIT हैदराबाद में दर्ज किए गए।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन 45 छात्रों में 28 छात्र अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से थे। इनमें 12 OBC, 9 SC और 7 ST वर्ग के छात्र शामिल थे। 16 छात्र सामान्य वर्ग और एक छात्र EWS वर्ग से था।
आंकड़ों में बताया गया है कि IIT में छात्रों की आत्महत्या के मामलों में 2023-24 के दौरान अचानक बढ़ोतरी हुई। इस साल 16 मामले सामने आए, जबकि इससे पिछले साल 2022-23 में 6 छात्रों ने आत्महत्या की थी। इसके बाद 2024-25 में भी 13 मामले दर्ज किए गए।
IIT हैदराबाद में पांच साल के दौरान आत्महत्या के 7 मामले दर्ज हुए, जो सभी IIT में सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद IIT खड़गपुर, IIT दिल्ली और IIT कानपुर में 6-6 मामले सामने आए। IIT मद्रास में 5 और IIT (BHU) वाराणसी में 4 छात्रों की आत्महत्या दर्ज की गई।
आंकड़ों में आत्महत्या के अलावा 8 अन्य अप्राकृतिक मौतों का भी अलग से उल्लेख है। इन्हें 45 आत्महत्याओं के आंकड़े में शामिल नहीं किया गया है। यह जानकारी 8 दिसंबर 2025 के लोकसभा के एक तारांकित प्रश्न के लिए सभी IIT से जुटाई गई थी।
हालांकि, उपलब्ध दस्तावेज में छात्रों के पाठ्यक्रम या उनकी मौत के व्यक्तिगत कारणों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए केवल इन आंकड़ों के आधार पर आत्महत्या के कारणों के बारे में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।