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जयपुर में मिलावटी घी का बड़ा खुलासा: 43 हजार लीटर नकली घी जब्त, नामी ब्रांड के नाम पर हो रही थी बिक्री

 

राजधानी जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 43 हजार लीटर मिलावटी घी जब्त किया है। यह घी भोग विनायक, हरियाणा क्रीम और नक्ष डेयरी जैसे नामों से बाजार में बेचा जा रहा था। कार्रवाई के बाद खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि शहर और आसपास के इलाकों में सस्ता घी नामी ब्रांड के लेबल लगाकर बेचा जा रहा है। इसी आधार पर विभाग की टीम ने गोदामों और फैक्ट्रियों पर छापेमारी की। जांच के दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध घी बरामद किया गया, जिसे तुरंत सीज कर दिया गया।

जांच में सामने आया कि जब्त किया गया घी न तो शुद्ध दूध से तैयार किया गया था और न ही यह खाद्य मानकों पर खरा उतरता था। प्रारंभिक जांच में घी में हानिकारक केमिकल, वनस्पति तेल और अन्य मिलावटी पदार्थों के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है। नमूनों को विस्तृत जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, मिलावटखोर नामी और भरोसेमंद लगने वाले ब्रांड नामों का इस्तेमाल कर आम लोगों को गुमराह कर रहे थे। त्योहारों और शादी-ब्याह के मौसम में घी की बढ़ती मांग का फायदा उठाकर यह मिलावटी घी बाजार में खपाया जा रहा था। इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं की सेहत को खतरा था, बल्कि ईमानदार कारोबारियों को भी नुकसान हो रहा था।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित गोदामों को सील कर दिया है और इस मामले में जुड़े लोगों की पहचान की जा रही है। विभाग का कहना है कि दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना और जेल तक का प्रावधान है।

इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं में भी चिंता का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि मिलावटी घी के सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं, लीवर को नुकसान और लंबे समय में गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे केवल प्रमाणित दुकानों से ही घी खरीदें और बेहद सस्ते दाम पर मिलने वाले उत्पादों से सतर्क रहें।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में शहरभर में विशेष अभियान चलाकर दूध, घी और अन्य खाद्य पदार्थों की सघन जांच की जाएगी। विभाग का उद्देश्य मिलावट पर पूरी तरह अंकुश लगाना और आम जनता को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।

कुल मिलाकर, जयपुर में 43 हजार लीटर मिलावटी घी पकड़े जाने की यह कार्रवाई मिलावटखोरों के लिए कड़ा संदेश है। साथ ही यह उपभोक्ताओं के लिए भी चेतावनी है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय सतर्कता बेहद जरूरी है।