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“1 करोड़ रुपये की 4 दिन की रंगरलियां, 5 महिलाओं के साथ पार्टी और अजीब यौन कल्पनाएं: रिपोर्ट में दावोस के चौंकाने वाले राज़”

 

स्विट्जरलैंड के सुंदर पर्वतीय शहर डावोस में हर साल जनवरी के अंत में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक आयोजित की जाती है, जिसमें दुनिया भर के राजनैतिक नेता, वैश्विक उद्योगपतियों और विचारकों का जमावड़ा लगता है। इसका उद्देश्य भारी आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करना होता है। लेकिन इस बार मंच की गंभीर चर्चा से अलग एक सेंसेशनल रिपोर्ट ने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं, जिसमें उस मंच के कुछ गुप्त और विवादित पहलुओं का खुलासा हुआ है।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बैठक के दौरान डावोस में गई बड़ी हस्तियों और अमीर व्यक्तियों ने सिर्फ नीति और व्यापार पर चर्चा नहीं की, बल्कि वहां ‘एलिट सेक्स पार्टीज’ और ‘एस्कॉर्ट बुकिंग’ जैसी गतिविधियों में भी भारी पैसा खर्च किया। बताया गया है कि इस दौरान एस्कॉर्ट सेवाओं की मांग पहले की तुलना में बहुत तेज़ी से बढ़ गई थी, और खास तौर पर अमीर और शक्ति-शाली लोगों के बीच यह एक आम गतिविधि बन गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार बड़ी संख्या में एस्कॉर्ट सेवाएं बुक की गईं, जिसमें अकेले कुछ वेबसाइटों पर 300 से अधिक महिलाएं और ट्रांसजेंडर एस्कॉर्ट लगभग 90 ग्राहकों के लिए बुक किए गए। इन सेवाओं में शामिल महिलाओं को अक्सर नॉन-डिसक्लोज़र एग्रीमेंट (NDA) पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जाता था, ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी बाहर ना जा सके।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इन सेवाओं के लिए अत्यंत बड़ी रकम खर्च की गई। कुछ मामलों में, चार दिनों की अवधि में लगभग 1 करोड़ रुपए (CHF 300,000 +) से भी ऊपर राशि खर्च की गई थी, जिसमें पांच महिलाओं को एक साथ बुक करने जैसी घटनाएं भी शामिल थीं। ऐसे खर्चों में होटल, शराब, यात्रा और अन्य सुविधाओं की कीमत शामिल नहीं है, जो कुल खर्च को और बढ़ाती हैं।

एक एजेंसी के प्रतिनिधि के अनुसार, इस साल एस्कॉर्ट और सेक्स पार्टियों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में काफी अधिक थी, और कई बड़े खिलाड़ी इन गतिविधियों का हिस्सा बने। रिपोर्ट ने यह भी बताया कि प्रॉस्टिट्यूशन स्विट्जरलैंड में कानूनी है, इसलिए वह इस तरह की गतिविधियों का संचालन कर सकती थीं, लेकिन यह चर्चा का मुख्य कारण इस मंच की प्रतिष्ठा के साथ जुड़ी शर्मनाक बातें हैं।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कई एस्कॉर्ट महिलाओं को भारी रकम दी जाती थी, जिसमें कुछ महिलाएं एक बुकिंग के लिए £6,000 (लगभग ₹6.5 लाख) तक कमा सकती थीं। यह पूरी घटना डावोस के सम्मानित विश्व आर्थिक मंच की प्रतिष्ठा को गंभीर रूप से प्रभावित करती प्रतीत होती है।

इन खुलासों ने दुनियाभर में चर्चा बढ़ा दी है कि क्या वास्तव में आर्थिक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने वाले इस मंच में इस तरह की नैतिक और सामाजिक अनैतिक गतिविधियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। कुछ आलोचक कहते हैं कि यह सिर्फ एक ‘छाया पक्ष’ है, जबकि अन्य इसे मंच की गंभीरता को कम करने वाला मामला मानते हैं। इन खुलासों के बाद डावोस की प्रतिष्ठा और उसमें भाग लेने वाले नेताओं और उद्योगपतियों की छवि पर सवाल उठे हैं