×

'महिला कोई वस्तु नहीं', '370 रुपए की बिरयानी' टिप्पणी पर भड़कीं शाइना एनसी

 

मुंबई, 13 जून (आईएएनएस)। कमीडियन प्रणित मोरे के एक शो के दौरान '370 रुपए की बिरयानी' वाली की गई विवादास्पद टिप्पणी को शिवसेना नेता शाइना एनसी ने बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने कहा, "हम सभी स्टैंड-अप कॉमेडी सुनते हैं। कमीडियन का काम लोगों को हंसाना होता है, लेकिन उसे अपनी मर्यादा और दायरे में रहना चाहिए। प्रणित मोरे ने जो किया, वह बिल्कुल निंदनीय है। महिला कोई वस्तु नहीं है कि 370 रुपए खर्च करके उसे हासिल कर लिया जाए। ऐसी सोच बेहद घिनौनी है।

उन्होंने कहा कि जब हम इस विषय पर चर्चा कर रहे हैं तो यह भी समझना चाहिए कि यदि कोई महिला सशक्त और प्रोफेशनल है तो उसे वस्तु की दृष्टि से क्यों देखा जा रहा है? आपने किसी महिला को खरीदा नहीं है। यह समझना अत्यंत आवश्यक है। इसी आधार पर महाराष्ट्र सरकार ने कार्रवाई की है, क्योंकि कानून का भय होना बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि डॉ. सेजल एक डॉक्टर हैं। डॉक्टरों के प्रति आदर और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाता है, लेकिन एक डॉक्टर द्वारा किसी शव के प्राइवेट पार्ट को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना बेहद गलत है। उन्होंने कहा, "मैं खुश हूं कि उन्होंने माफी मांग ली है, लेकिन पूरे मेडिकल समुदाय ने जो आवाज उठाई, वह पूरी तरह जायज है, क्योंकि यह कोई मजाक का विषय नहीं है। किसी के शरीर या मृत्यु के बाद उसका मजाक उड़ाना अत्यंत दुखद है।"

एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे द्वारा महाराष्ट्र में गुटखा तस्करों के खिलाफ मकोका के तहत कार्रवाई के आदेश पर उन्होंने कहा, "तुकाराम मुंढे का उद्देश्य बिल्कुल सही है। गुटखा खाने से होने वाले नुकसान और उससे परिवारों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में सभी जानते हैं। इसी दृष्टिकोण से उन्होंने यह आदेश दिया है। मकोका लगाया जाएगा या नहीं, यह सरकार तय करेगी, लेकिन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। हम सभी गुटखा और कैंसर के खिलाफ लड़ाई में एकजुट रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'अघोरी' कहे जाने पर शाइना एनसी ने कहा, "संजय राउत अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं। वह महाराष्ट्र के चार्ली चैपलिन बनने की कोशिश करते हैं और लोगों को हंसाना चाहते हैं, लेकिन उनके बयानों से लोग केवल यही समझते हैं कि उनकी जगह मानसिक चिकित्सालय में है। जिस प्रकार वे प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हैं, उससे उनकी हताशा साफ दिखाई देती है।"

उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस की नैया डूब चुकी है। जो छोटी-छोटी पार्टियां उसके साथ जाएंगी, उनकी भी नैया डूब जाएगी। जब दो नावें डूबती हैं, तो उभरकर आने का सवाल ही नहीं उठता। इंडिया गठबंधन में अब कुछ नहीं बचा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी विदेश यात्राओं और छुट्टियों में अधिक रुचि रखते हैं। इसके बाद वे आकर बयानबाजी करते हैं, वोट शेयर और सीटों की चोरी की बात करते हैं तथा चुनाव आयोग पर बेबुनियाद आरोप लगाते हैं।"

टीसीएस मामले पर शाइना एनसी ने कहा, "टीसीएस को अपने संस्थागत ढांचे की पूरी तरह समीक्षा करनी चाहिए, चाहे मामला कॉरपोरेट जिहाद से जुड़ा हो, निदा खान प्रकरण हो या फिर किसी अन्य गंभीर अनियमितता से। कार्यस्थल पर सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना आवश्यक है और किसी भी प्रकार के कट्टरपंथ या उग्र विचारधारा को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। टाटा समूह को इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए।"

--आईएएनएस

पीआईएम/डीकेपी