'35 साल के राजनीतिक जीवन में इतनी भीड़ नहीं देखी,' दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन पर बोले इमरान मसूद
सहारनपुर, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ इंडी गठबंधन लगातार सड़कों पर है। विपक्ष एसआईआर को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अब इसको लेकर सियासी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
मंगलवार को सहारनपुर में आईएएनएस से बात करते हुए इमरान मसूद ने कहा, "कल दिल्ली के अंदर हाल देखिए, मैंने तो अपने जीवन में कभी नहीं देखा। 30-35 साल के अपने राजनीतिक जीवन में मैंने कभी दिल्ली में इतना जनसैलाब नहीं देखा। कल जो माहौल था, ऐसा लग रहा है कि लोगों को अब सच्चाई पता चल गई है।"
वहीं, भाजपा नेता किरीट सोमैया द्वारा अभिनेता आमिर खान के भांजे की नागरिकता पर सवाल उठाने और पाकिस्तान फंडिंग के आरोपों पर इमरान मसूद ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास सिर्फ दो ही नारे हैं, पाकिस्तान और मुसलमान।
उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "हिंदुस्तान के अंदर पाकिस्तान और मुसलमान, दो ही इनके पास नारे हैं, इसके अलावा कुछ मिलता नहीं इन्हें। इसके अलावा भी बहुत कुछ है, यह डकैती चलेगी नहीं। अब ये पाकिस्तान और मुसलमान का मुद्दा खत्म हो चुका है। पाकिस्तान एक बर्बाद मुल्क है, उसका क्या करना है? पाकिस्तान के साथ दोस्तियां तुम्हारी हैं, हमारी तो है नहीं।"
प्रदर्शन स्थल की सूची से जंतर-मंतर को हटाए जाने के सवाल पर इमरान मसूद ने कहा कि यह कोई बात नहीं हुई। उन्होंने कहा कि धरने के लिए हमेशा एक सेंट्रल प्लेस ही होता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "कल को ये कहेंगे कि हिमालय की चोटी पर जाकर प्रदर्शन कर दो, ये कोई बात नहीं है। धरने के लिए सेंट्रल प्लेस ही होता है।"
दूसरी तरफ रांची में जेएमएम नेता मनोज पांडे ने भी इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का जो तरीका होता है, उसी के तहत एक भ्रष्ट व्यक्ति को हटाने के लिए भारी भीड़ जमा हुई थी। लोग उस सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे जो उसे बचा रही थी।
मनोज पांडे ने आरोप लगाया कि कल के विरोध प्रदर्शन का असर यह हुआ कि उससे एक दिन पहले भाजपा के गुंडों ने पुलिस की मौजूदगी में सीजेपी सदस्यों और छात्रों की पिटाई की थी। उस दौरान पुलिस भी उनका साथ देती हुई दिखाई दी, लेकिन कल के विरोध प्रदर्शन में पुलिस भी अपनी सीमा में रही।
--आईएएनएस
पीआईएम/एएस