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30-मिनट स्पार्कल: पूर्व रेलवे का मेगा सफाई अभियान सियालदह से हुआ शुरू

 

कोलकाता, 16 मई (आईएएनएस)। सियालदह स्टेशन पर महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने पखवाड़े भर चलने वाले “30-मिनट स्पार्कल” अभियान शनिवार को औपचारिक रूप से शुरू किया। स्टेशन के विस्तृत निरीक्षण के दौरान देऊस्कर ने स्टेशन विक्रेताओं और यात्रियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया तथा इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता एक साझा जिम्मेदारी और सामूहिक उपलब्धि है।

विक्रेताओं से महाप्रबंधक ने कहा, "आप हमारे स्टेशन का चेहरा हैं। अपने स्टॉल और आसपास के क्षेत्र को कचरा-मुक्त रखने के प्रति आपकी प्रतिबद्धता हर यात्री के लिए एक उदाहरण स्थापित करती है।"

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहे कई परिवारों और दैनिक यात्रियों से भी बातचीत की और स्टेशन की स्वच्छता व्यवस्था पर उनकी राय जानी। उन्होंने कहा, “यह 30 मिनट का वादा आपकी ओर हमारी ‘सफाई गारंटी’ है, लेकिन इस परिवर्तन की असली ताकत आपकी भागीदारी है। हम आपको हमें जवाबदेह बनाने की शक्ति दे रहे हैं। आपके सहयोग से हम पूर्व रेलवे को स्वच्छ और सुंदर बना सकते हैं।”

यात्रियों ने इस पहल की सराहना की और कई लोगों ने तुरंत इसमें भाग लेने के लिए आवश्यक डिजिटल माध्यम डाउनलोड किए। वहीं, हावड़ा स्टेशन पर अपर महाप्रबंधक शीलेंद्र प्रताप सिंह ने समानांतर कार्यक्रम का नेतृत्व किया। उन्होंने यात्रियों से स्वच्छ रेल अनुभव की उनकी अपेक्षाओं पर बातचीत की और उन्हें नई डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली के उपयोग के लिए प्रेरित किया।

सियालदह में शनिवार सुबह की शुरुआत भाषणों से नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता के जीवंत प्रदर्शन से हुई। पूर्व रेलवे भारत स्काउट्स एवं गाइड्स ने स्वच्छता पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर यात्रियों का ध्यान आकर्षित किया। संगीत, अभिनय और सशक्त संवादों के माध्यम से युवा स्काउट्स ने कूड़ा फैलाने के दुष्प्रभाव और नई रिपोर्टिंग प्रणाली की उपयोगिता को प्रभावी ढंग से दर्शाया।

इसके बाद महाप्रबंधक ने कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया, जिसके साथ ही सियालदह, हावड़ा, मालदा और आसनसोल मंडलों में स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक अभियान का शुभारंभ हुआ।

आज के शुभारंभ का मुख्य आकर्षण एक अत्याधुनिक त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली रही, जो प्रत्येक यात्री को स्वच्छता दूत में बदल देती है। ईआर चैलेंज के अंतर्गत यदि कोई यात्री किसी भी प्रकार की गंदगी या अस्वच्छ क्षेत्र देखता है, तो वह उसकी तस्वीर लेकर सोशल मीडिया पर आधिकारिक मंडलीय हैंडल को टैग कर सकता है या सीधे रेल मदद के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकता है।

शिकायत मिलते होते ही समर्पित त्वरित सफाई दल तत्काल मौके पर भेजे जाएंगे और निर्धारित 30 मिनट की समयसीमा के भीतर क्षेत्र को स्वच्छ किया जाएगा।

हालांकि सियालदह इस आयोजन का मुख्य केंद्र रहा, लेकिन इसकी ऊर्जा एक साथ 14 अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी महसूस की गई, जिससे 24×7 सतर्कता को नई कार्यसंस्कृति बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया।

सियालदह मंडल में यह अभियान दमदम जंक्शन, बैरकपुर, नैहाटी, कांचरापाड़ा और बारासात में आयोजित किया गया। हावड़ा मंडल में हावड़ा, लिलुआ, बैंडेल जंक्शन और रामपुरहाट शामिल रहे। आसनसोल मंडल में आसनसोल और दुर्गापुर पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि मालदा मंडल में मालदा, जमालपुर और भागलपुर को इस अभियान में शामिल किया गया। इस प्रकार संपूर्ण पूर्व रेलवे नेटवर्क को स्वच्छता के एक साझा मिशन से जोड़ा गया।

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा, "आज हमने केवल एक सेवा की शुरुआत नहीं की है, बल्कि ऐसी संस्कृति की नींव रखी है जिसमें स्टेशन को अपने घर जैसा सम्मान दिया जाएगा। ईआर चैलेंज इस विश्वास का प्रतीक है कि जब रेलवे और आम जनता मिलकर काम करते हैं, तो स्वच्छ यात्रा केवल सपना नहीं, बल्कि एक सुनिश्चित वास्तविकता बन जाती है।"

--आईएएनएस

ओपी/वीसी