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29 से 31 मई तक तीन राज्यों के दौरे पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, कई कार्यक्रमों में होंगे शामिल

 

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 29 से 31 मई तक कर्नाटक, गोवा और केरल का तीन दिवसीय दौरा करेंगे। इस दौरान वे कई शैक्षणिक, सांस्कृतिक और औद्योगिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 29 मई को उपराष्ट्रपति बेंगलुरु (कर्नाटक) में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की 45वीं वर्षगांठ के वैश्विक समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद वे दावणगेरे स्थित यूनिवर्सिटी बीडीटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्लेटिनम जुबली समारोह में भी भाग लेंगे।

30 मई को वे गोवा के पणजी में राज्य स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वे गोवा स्थित सीएसआईआर–नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशनोग्राफी का दौरा करेंगे।

31 मई को उपराष्ट्रपति कर्नाटक के धर्मस्थल स्थित श्री क्षेत्र धर्मस्थला मंजनाथ स्वामी मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद वे बेलथंगडी में एसआईआरआई इंडस्ट्रियल पार्क का उद्घाटन करेंगे।

उपराष्ट्रपति 31 मई को ही केरल जाएंगे, जहां वे कोट्टायम में दीपिका मलयालम दैनिक के 140वें स्थापना वर्ष समारोह का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वे कन्नूर में एक निजी कार्यक्रम में भी शामिल होंगे, जिसका आयोजन राज्यसभा सांसद सी. सदानंद मास्टर द्वारा किया गया है।

यह दौरा शिक्षा, संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों को कवर करेगा। इससे पहले उपराष्ट्रपति 3 से 4 नवंबर, 2025 तक दो दिवसीय केरल यात्रा पर गए थे। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उपराष्ट्रपति की पहली केरल यात्रा थी।

इस यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति कोल्लम स्थित फातिमा माता राष्ट्रीय महाविद्यालय के हीरक जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। फातिमा माता राष्ट्रीय महाविद्यालय इस क्षेत्र के अग्रणी उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक है। महाविद्यालय के 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया था।

इसी महीने 21 मई को उपराष्ट्रपति ने आंध्र प्रदेश के स्कूली बच्चों से मुलाकात की थी। ये बच्चे आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले से दिल्ली आए थे और उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से मिले थे।

गरीब और वंचित पृष्ठभूमि के सरकारी स्कूली छात्रों को शैक्षिक दौरे पर दिल्ली लाने की पहल की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा था कि ऐसे दौरे छात्रों को कक्षा से बाहर सीखने और उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने में मदद करते हैं।

--आईएएनएस

एएमटी/पीएम