28 लाख की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार: पुणे में महिला पुलिस अधिकारी पर एसीबी की बड़ी कार्रवाई
पुणे, 2 मई (आईएएनएस)। पुणे से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) पुणे ने आर्थिक अपराध शाखा की एक महिला सहायक पुलिस निरीक्षक और उसके सहयोगी को 28 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी महिला अधिकारी वैशाली मुरलीधर तोटेवार एक शिकायतकर्ता के मामले की जांच कर रही थीं। आरोप है कि उन्होंने पहले ही 2 लाख रुपए रिश्वत के रूप में ले लिए थे और मामले को शिकायतकर्ता के पक्ष में मोड़ने के लिए 30 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की थी। बाद में समझौते के नाम पर यह रकम 28 लाख रुपए तय की गई।
शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की जानकारी एसीबी को दी। 30 अप्रैल 2026 को की गई जांच में रिश्वत की मांग की पुष्टि हो गई। इसके बाद 2 मई 2026 को जाल बिछाया गया।
योजना के तहत आरोपी अधिकारी ने पैसे सीधे लेने के बजाय अपने निजी सहयोगी संभाजी शिवाजी चव्हाण को पैसे देने के लिए कहा। जैसे ही शिकायतकर्ता ने पुणे के कोरेगांव पार्क स्थित होटल कॉनराड के एंट्री गेट के सामने 28 लाख रुपए सौंपे, एसीबी की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चव्हाण को रंगेहाथ पकड़ लिया। इसके बाद वैशाली तोटेवार को भी हिरासत में लिया गया।
इस घटना ने एक बार फिर आम नागरिकों के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है: क्या न्याय पाने के लिए अब भी कीमत चुकानी पड़ती है?
--आईएएनएस
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