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25 वर्षों में एससीओ ने क्षेत्रीय सहयोग का नया मार्ग सफलतापूर्वक खोजा है : एससीओ महासचिव

 

बीजिंग, 29 अगस्त (आईएएनएस)। शांगहाई सहयोग संगठन (एससीओ) के 2026 बिश्केक शिखर सम्मेलन से पहले, चाइना मीडिया ग्रुप (सीएमजी) के संवाददाता ने संगठन के महासचिव नुरलान येरमेकबायेव के साथ विशेष साक्षात्कार किया। उन्होंने एससीओ की 25वीं वर्षगांठ की उपलब्धियों, भविष्य में आर्थिक और सुरक्षा सहयोग तथा वैश्विक शासन से जुड़ी पहलों पर अपने विचार साझा किए।

येरमेकबायेव ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में एससीओ ने आपसी विश्वास का माहौल और समान संवाद की व्यवस्था सफलतापूर्वक विकसित की है। इससे विभिन्न राजनीतिक व्यवस्थाओं और संस्कृतियों वाले सदस्य देशों को जटिल मुद्दों पर आम सहमति तक पहुंचने में मदद मिली है। वर्तमान में संगठन ने 29 विशिष्ट क्षेत्रों में सहयोग तंत्र स्थापित किए हैं और विभिन्न स्तरों की बैठकों के जरिए ठोस सहयोग को बढ़ावा दे रहा है।

उन्होंने कहा कि संगठन सदस्य देशों के आकार या आर्थिक ताकत के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करता, बल्कि आम सहमति के सिद्धांत का पालन करता है। यही एससीओ की सबसे बड़ी ताकत है। आगामी बिश्केक शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि सम्मेलन में कई व्यावहारिक दस्तावेज पारित किए जाएंगे, जिससे स्थायी शांति और समृद्धि के लिए एससीओ सदस्य देशों के बीच सहयोग और मजबूत होगा।

आर्थिक और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में येरमेकबायेव ने बताया कि पिछले वर्ष चीन के थ्येनचिन शहर में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन में बहुपक्षीय परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए एससीओ विकास बैंक की स्थापना का राजनीतिक निर्णय लिया गया था। इसमें बुनियादी ढांचे की कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित विकास इस समय संगठन की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। एससीओ ने इन क्षेत्रों में सहयोग के लिए संबंधित रूपरेखाएं अपनाई हैं। साथ ही, नवीकरणीय ऊर्जा और उच्च-तकनीकी परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए चीन-एससीओ ऊर्जा सहयोग केंद्र और कृत्रिम बुद्धिमत्ता अनुप्रयोग केंद्र की स्थापना की गई है।

उन्होंने खास तौर पर बताया कि वर्ष 2026 से एससीओ सदस्य देशों के बीच व्यापार 700 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, लेकिन बहुपक्षीय परियोजनाओं की क्षमता का अभी और अधिक इस्तेमाल किए जाने की जरूरत है।

साक्षात्कार में एससीओ महासचिव येरमेकबायेव ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की "वैश्विक शासन पहल" की सराहना करते हुए कहा कि यह "शांगहाई भावना" के अनुरूप है। यह पहल समानता, जन-केंद्रित विकास, सांस्कृतिक विविधता के सम्मान और साझा विकास पर जोर देती है।

उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष थ्येनचिन शिखर सम्मेलन में इस पहल का प्रस्ताव सही समय पर रखा गया था। एससीओ सदस्य देशों ने ब्रिक्स और अन्य तंत्रों के साथ सहयोग करने के लिए अपना समर्थन और तत्परता भी जताई है। इसका उद्देश्य अधिक न्यायसंगत और समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देना है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

--आईएएनएस

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