जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार पर संकट, वीडियो में जाने 25 नाराज विधायक दे सकते हैं इस्तीफा; CM और फारूक से आज होगी बैठक
जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा सियासी संकट खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार पर खतरा मंडराने लगा है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के 25 नाराज विधायकों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को अपनी मांगें पूरी करने का अल्टीमेटम दिया है। विधायकों ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनी तो वे सामूहिक रूप से इस्तीफा दे सकते हैं।
श्रीनगर में आज उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला की नाराज विधायकों के साथ अहम बैठक होने वाली है। दैनिक भास्कर से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, बैठक में सहमति नहीं बनने की स्थिति में सभी 25 विधायक आज ही इस्तीफा देने का फैसला कर सकते हैं। ऐसे में जम्मू-कश्मीर की मौजूदा सरकार के सामने बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो सकता है।
नाराज विधायकों की तीन प्रमुख मांगें
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नाराज विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के सामने कुछ अहम मांगें रखी हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर सोगमी को उनके पद से हटाने की है। विधायकों का आरोप है कि सरकार के कामकाज में कुछ लोगों का हस्तक्षेप बढ़ गया है और इससे पार्टी के निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका प्रभावित हो रही है।
दूसरी मांग डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी से जुड़ी है। विधायक चाहते हैं कि उनसे सड़क निर्माण विभाग वापस लिया जाए या उन्हें उपमुख्यमंत्री के पद से ही हटा दिया जाए। इसके अलावा विधायकों ने सरकार से जुड़े लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई है।
पांच गुप्त बैठकों में तैयार की रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, नाराज विधायकों ने 30 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच पांच गुप्त बैठकें की थीं। इन बैठकों में सरकार के कामकाज, पार्टी नेतृत्व के रवैये और अपनी राजनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा हुई। विधायकों ने अपनी मांगों की सूची तैयार करने के साथ ही पार्टी नेतृत्व के सामने उन्हें रखने की रणनीति भी बनाई।
इन बैठकों के बाद विधायकों ने उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला को अपनी नाराजगी से अवगत कराया। अब आज होने वाली बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में पार्टी नेतृत्व के सामने नाराज विधायकों को मनाने और सरकार को बचाने की चुनौती होगी।
सरकार के बहुमत पर मंडराया खतरा
अगर सभी 25 विधायक इस्तीफा देते हैं तो विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस की स्थिति कमजोर हो सकती है। हालांकि, सरकार पर इसका वास्तविक असर विधायकों के इस्तीफे की संवैधानिक स्थिति, विधानसभा की प्रभावी संख्या और अन्य दलों के समर्थन पर निर्भर करेगा।
गौरतलब है कि देश की राजनीति में पिछले पांच वर्षों के दौरान तीन बड़ी क्षेत्रीय पार्टियों में टूट देखने को मिली है। ऐसे में जम्मू-कश्मीर की नेशनल कॉन्फ्रेंस में बढ़ती नाराजगी को पार्टी के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब सबकी नजरें श्रीनगर में होने वाली बैठक पर टिकी हैं। इससे तय होगा कि पार्टी नेतृत्व नाराज विधायकों को मनाने में सफल होता है या जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक नया सियासी घटनाक्रम देखने को मिलेगा।