×

24 खंभा मंदिर में निरंजनी अखाड़े की पारंपरिक नगर पूजा, विश्व शांति के लिए चढ़ाया गया विशेष भोग

 

उज्जैन, 26 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र नवरात्रि अष्टमी के पावन अवसर पर श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी ने 24 खंभा मंदिर में अपनी पारंपरिक नगर पूजा आयोजित की। हर वर्ष की तरह इस हार भी अखाड़े के साधु-संतों ने भक्तिमय माहौल में पूजा-अर्चना की और नगरवासियों के कल्याण की कामना की।

जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर शैलेशानंद महाराज ने इस अवसर पर आईएएनएस के साथ खास बातचीत की और बताया कि मंदिर में पारंपरिक तरीके से माता की पूजा की गई और पूरे विश्व में फैले कोहराम को शांत करने के लिए माता रानी से कामना की।

महाराज ने कहा, "सभी वैदिक परंपराओं और अनुष्ठानों का मुख्य उद्देश्य लोगों का कल्याण का होता है। आज की पूजा भी इसी तरह का संदेश देती है। आज के समय में जो पूजा-अर्चना की जाती है। उसके पीछे धर्म की सत्ता का संदेश छिपा होता है।"

उन्होंने आगे बताया, "राज सत्ता ने इस पवित्र नगरी को अंधकार (तमस) से दूर रखने के लिए माता रानी को खास भोग लगाया गया है। साथ ही मुख्यमंत्री जी ने नगर की शुद्धि के लिए विशेष प्रयास किए हैं।

महाराज ने बताया कि ऐसे शुभ अवसर पर अखाड़ा परिषद के गुरुजी के आह्वान पर सभी साधू-संत एकत्रित हुए। महाराज ने कहा, "हम आज प्रतीकात्मक रूप से जनता को संदेश देना चाहते हैं कि जितना आपके अंदर सामर्थ्य है, उसे देवी-देवताओं के चरणों में समर्पित कर दें। खासकर 24 खंभा माता पर पूर्ण विश्वास रखें। आज नवरात्रि की अष्टमी पर माता को प्रसाद चढ़ाया गया और विनती की गई कि हमारे अंदर का तमस (अंधकार) निकालकर माता रानी के चरणों में अर्पित कर दें।"

राष्ट्र की समृद्ध और विश्व शांति की कामना करते हुए शैलेशानंद महाराज ने कहा, "आज पूरा युद्ध के मुहाने पर खड़ा है। हम सभी बारूद के ढेर पर खड़े हैं। ऊपर से हमारा नया संवत्सर (नवसंवत्सर) भी शुरू हो रहा है। आज की पूजा में हमने देवी से प्रार्थना की है कि पूरी दुनिया में शांति बनी रहे।"

--आईएएनएस

एनएस/वीसी