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'160 सांसद सस्पेंड, फिर कानून... वोट चोरी की पहले से थी तैयारी?' कांग्रेस का सरकार पर बड़ा आरोप

 

नई दिल्ली, 25 सितंबर (आईएएनएस)। चुनाव आयोग पर वोट चोरी के गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

पंजाब कांग्रेस विधायक परगट सिंह और उत्तराखंड में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने एक सुर में आरोप लगाया कि 2023 में 160 सांसदों को निलंबित कर लाया गया धारा-16 वाला कानून इसी साजिश का हिस्सा था, ताकि चुनाव आयुक्तों पर कोई सिविल या क्रिमिनल केस न चल सके। कांग्रेस ने इस पूरे मामले को देशद्रोह करार देते हुए दोषियों को बर्खास्त कर जेल भेजने और प्रदेशों में चुनाव आयोग के घेराव की चेतावनी दी है।

पंजाब कांग्रेस विधायक पकगट सिंह ने कहा कि 2023 में सरकार ने 160 सांसदों को सस्पेंड करके जो कानून बनाया था, आज उसी का नतीजा सामने है। सरकार को पहले से पता था कि वह वोट चोरी करती है, इसलिए ऐसा कानून बनाया गया ताकि उन पर कोई मुकदमा न चल सके। देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस अब मांग कर रही है कि इस मामले में देशद्रोह का पर्चा दर्ज किया जाए और दोषियों को बर्खास्त कर जेल भेजा जाए।

कांग्रेस विधायक ने कहा कि पंजाब में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है और लगातार हो रहा है, लेकिन बदकिस्मती यह है कि यह सिर्फ नूरा-कुश्ती चल रही है।

उन्होंने कहा कि 6 महीने पहले भगवंत मान के एक फेक वीडियो का मामला चला था, हरियाणा में पर्चा भी दर्ज हुआ था, उसका क्या हुआ? पहले शुभकरण पर गोली चली और उसे मौत के घाट उतार दिया गया, उस मामले में क्या कार्रवाई हुई? ये दोनों ए और बी टीमें हैं और आपस में नोरा-कुश्ती हो रही है, लेकिन आने वाले समय में हम दूध का दूध और पानी का पानी कर देंगे।

उत्तराखंड में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा, "यह बहुत ही गंभीर मामला है। जिस तरह से 2023 में सरकार द्वारा इसकी स्क्रिप्ट लिख दी गई थी। लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों को सस्पेंड कर दिया जाता है और उसके बाद धारा 16 के तहत एक बिल लाया जाता है, जिसमें कहा गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त या चुनाव आयुक्तों द्वारा किए गए किसी भी कृत्य पर किसी भी अदालत में न तो कोई सिविल और न ही क्रिमिनल मामला चलेगा। यह बिल दोनों सदनों से देश के प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार द्वारा पारित कराया गया।"

उन्होंने आगे कहा कि पिछले तीन सालों से लगातार वोट चोरी के इस मुद्दे को राहुल गांधी प्रमुखता से उठा रहे हैं। सच्चाई तो सामने आ चुकी थी। राहुल गांधी लगातार इस बात को पुरजोर तरीके से उठा रहे थे कि चुनाव आयोग को लेकर उन्होंने वोट चोरी के मामले में कई बार तथ्यात्मक बयान भी दिए। लेकिन चुनाव आयुक्त चाहे सुखबीर सिंह संधू हों, चाहे विवेक जोशी हों, उनका स्पष्ट रूप से कहना है कि हमने दस महीने में 14 बार आपत्तियां दर्ज कराईं, हमने प्रतिरोध किया, हमने शिकायतें कीं, लेकिन हमारी शिकायतों को दरकिनार कर दिया गया, अनसुना कर दिया गया। हमने कैबिनेट सचिव से भी इस संदर्भ में समय लेकर बातचीत की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी ने लगातार चाहे महाराष्ट्र के चुनाव हों, चाहे पश्चिम बंगाल के चुनाव हों, चाहे बिहार के चुनाव हों या अन्य राज्यों के चुनाव हों, यह कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। जो मौलिक अधिकार हैं, उन्हें छीनने की कोशिश कर रही हैं। यह एक बड़ा अपराध है।

यशपाल आर्य ने कहा कि इसी को लेकर हम प्रदेश भर में, उत्तराखंड में भी चुनाव आयोग के कार्यालय और चुनाव आयुक्त का घेराव करने जा रहे हैं। यह बड़ी लड़ाई जरूर है, लेकिन इस लड़ाई को हम मजबूती से लड़ना चाहते हैं और यह लड़ाई हमारी लगातार जारी रहेगी। क्योंकि जो हमारे अधिकार हैं, जो वोट देने का अधिकार है, उसे छीनने का प्रयास किया गया है, छीना है।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी