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13 मई का पंचांग : नारायण को समर्पित अपरा एकादशी, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

 

नई दिल्ली, 12 मई (आईएएनएस)। नारायण को समर्पित एकादशी तिथि पर भगवान की आराधना का विशेष महत्व है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी कहा जाता है, जो 13 मई (बुधवार) के दिन पड़ रही है। भगवान विष्णु को समर्पित तिथि को लेकर मान्यता है कि श्रद्धा और नियम से व्रत-पूजा करने पर पापों से मुक्ति, सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

भक्त इस दिन पूजा, मंत्र जाप, तुलसी अर्पण और उपवास कर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। ‘अपरा’ शब्द का अर्थ असीम और अनंत है। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को श्रद्धापूर्वक रखने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

13 मई को सूर्योदय 5 बजकर 32 मिनट सुबह होगा। वही, सूर्यास्त शाम 7 बजकर 4 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि दोपहर 1 बजकर 29 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी शुरू हो जाएगी। हालांकि, उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन एकादशी का ही मान होगा। नक्षत्र उत्तर भाद्रपद देर रात 12 बजकर 17 मिनट रात (14 मई) तक, फिर रेवती नक्षत्र रहेगा। योग विष्कम्भ रात 8 बजकर 55 मिनट तक व करण बालव दोपहर 1 बजकर 29 मिनट तक, फिर कौलव देर रात 12 बजकर 30 मिनट (14 मई) तक रहेगा।

अपरा एकादशी पर शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 8 मिनट से 4 बजकर 50 मिनट तक, विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 33 मिनट से 3 बजकर 27 मिनट तक, गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 2 मिनट से 7 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। अमृत काल शाम 7 बजकर 41 मिनट से 9 बजकर 13 मिनट तक व निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 56 मिनट रात से देर रात 12 बजकर 38 मिनट (14 मई) तक रहेगा।

वहीं, अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल 12 बजकर 18 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक यमगण्ड सुबह 7 बजकर 13 मिनट से 8 बजकर 55 मिनट तक, गुलिक काल सुबह 10 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक, दुर्मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा।

वहीं, वर्ज्य सुबह 10 बजकर 29 मिनट से दोपहर 12 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। वहीं, पंचक पूरे दिन प्रभावी रहेगा।

--आईएएनएस

एमटी/एएस