12 साल में भारत ने पकड़ी नई रफ्तार, अब 140 देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन: पीएम मोदी
नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 12 साल में भारत ने नई रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से हम आगे बढ़ रहे हैं और अब 140 देशवासियों के संकल्प और सामर्थ्य को रोकना नामुमकिन है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन करीब 4 गुना बढ़ा। खादी व ग्रामोद्योग का उत्पादन करीब 5 गुना हुआ। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग करीब 7 गुना बढ़ा। आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण 21 गुना बढ़ा और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा। इतना ही नहीं, आधुनिक युग को लेकर भी डिजिटल और इनोवेशन की दुनिया में भी हमने अपना परचम लहराया।
उन्होंने कहा कि इंटरनेट यूजर्स और कंज्यूमर्स करीब-करीब 4 गुना बढ़े। पेटेंट ग्रांट होने की संख्या 4 गुना बढ़ी। डिजिटल ट्रांजेक्शन 100 गुना बढ़े। सामान्य मानवी की सुविधा की ओर भी हमने उतनी ही गंभीरता से काम किया। हर साल औसतन 15 गुना ज्यादा तेजी से हमने 'नल से जल' कनेक्शन दिए। हर साल औसतन 6 गुनी ज्यादा रफ्तार से लोगों को गैस कनेक्शन दिए। हर साल 4 गुनी रफ्तार से गरीबों के लिए शौचालय बनाने का काम किया। हर साल 3 गुना ज्यादा तेजी से गरीबों को घर देने का काम किया।
पीएम मोदी ने कहा कि देश गवर्नेंस में भी बहुत बदलाव लाया। सैकड़ों की तादाद में पुराने कानून खत्म किए गए। पिछली शताब्दी के कानूनों से 21वीं शताब्दी की मार्च नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि हमने आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मेट्रो का विस्तार किया। हमने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को ताकत दी। जिस स्पीड से और जिस स्केल पर काम किया, ये सब, ये रफ्तार, ये विस्तार, ये उपलब्धि आजादी के बाद पहली बार पिछले एक दशक ने देखा है। जब इतनी सारी सिद्धियां हमारे सामने है, इतनी तेज गति दिखाई देती हो, देशवासियों का सामर्थ्य पल-पल प्रकट होता है तब तो 2047 में 'विकसित भारत' बनने का संकल्प कभी भी अधूरा नहीं रह सकता है।
उन्होंने कहा, "ये सारे आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं कि हम आगे बढ़ने वाले हैं, लेकिन उसके लिए आत्मविश्वास और आत्म-गौरव की जरूरत होती है। साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत होना भी बहुत जरूरी होता है। इसलिए बीते वर्षों में हमारा दृढ़ विश्वास रहा है कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रह कर नहीं जीना है। हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में बहुत कुछ मिलता है, सस्ता मिलता है, जल्दी मिलता है लेकिन उससे हमारा सामर्थ्य तैयार नहीं होता। और न हमारे सामर्थ्य की कसौटी होती है। इसलिए हमें भी अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। अपने हितों की सुरक्षा हमें खुद करनी है, इसलिए आत्मनिर्भर भारत का संकल्प बहुत दृढ़ता के साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
--आईएएनएस
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