☰
×

'रुद्रमादेवी' के 11 साल पूरे, अल्लू अर्जुन ने 'गोनगन्नारेड्डी' को बताया आइकॉनिक

 

मुंबई, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। अभिनेता अल्लू अर्जुन की तेलुगु पीरियड ड्रामा फिल्म 'रुद्रमादेवी' को शुक्रवार को रिलीज हुए 11 साल पूरे हो गए। इस मौके पर अभिनेता अल्लू अर्जुन और प्रोडक्शन हाउस ने सोशल मीडिया के जरिए फिल्म से जुड़ी यादों को दोहराया।

अभिनेता अल्लू अर्जुन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फिल्म की तस्वीरें पोस्ट की, जिसमें अभिनेता ने अपने द्वारा निभाए गए किरदार को आइकॉनिक बताया। अभिनेता ने लिखा, "फिल्म 'रुद्रमादेवी' की रिलीज के 11 साल पूरे हो गए हैं। 'गोनगन्नारेड्डी', मेरी फिल्मोग्राफी का एक आइकॉनिक किरदार। इस सफर का हिस्सा बनने के लिए आप सभी का धन्यवाद।"

'गुना टीमवर्क्स' प्रोडक्शन हाउस ने फिल्म के 11 साल पूरे होने का जश्न पोस्टर के साथ मनाया। अपनी एक्स टाइमलाइन पर प्रोडक्शन हाउस ने लिखा, "रुद्रमादेवी के 11 साल पूरे, योद्धा रानी की विरासत। साहस, शक्ति और वीरता की कहानी जो हमारे दिलों में आज भी जीवित है। गुणशेखर की एक फिल्म।"

इस ऐतिहासिक 3डी फिल्म का निर्माण और निर्देशन मुख्य रूप से फिल्म निर्माता गुणशेखर ने किया था और उनके साथ रागिनी गुना, नीलिमा गुना और युक्तमुखी गुना सह-निर्माता थीं। इसमें अभिनेत्री अनुष्का शेट्टी ने रानी रुद्रमादेवी के साहस और उनके द्वंद्व (पुरुष और महिला दोनों रूपों में) को बखूबी पर्दे पर उतारा था।

सुपरस्टार अल्लू अर्जुन ने इस फिल्म में एक योद्धा और विद्रोही 'गोनगन्नारेड्डी' का कैमियो किरदार निभाया, जिसे दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया गया। फिल्म में प्रकाश राज (महामंत्री शिव देवय्या), कृष्णम राजू (राजा गणपति देव), निथ्या मेनन और कैथरीन ट्रेसा जैसे कई दिग्गज कलाकार भी दिखे।

यह फिल्म दक्षिण भारत के दक्कन क्षेत्र में काकतीय राजवंश की महान रानी रुद्रमादेवी के वास्तविक जीवन पर आधारित थी, जो भारतीय इतिहास की कुछ गिनी-चुनी महिला शासकों में से एक थीं। काकतीय राजवंश के राजा गणपति देव की कोई पुरुष संतान नहीं थी। राज्य की सुरक्षा और जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए, राजा और उनके मंत्री शिव देवय्या ने यह बात छिपाई कि उनके घर बेटी ने जन्म लिया है। रुद्रमादेवी को बचपन से ही एक लड़के 'रुद्र देव' के रूप में पाला गया और उन्हें तलवारबाजी, युद्ध कौशल तथा राज्य प्रशासन की शिक्षा दी गई।

--आईएएनएस

एनएस/एबीएम