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11 हजार केवी हाईटेंशन लाइन का तार टूटने से नोएडा में बड़ा हादसा, 5 लोग झुलसे, स्कूटी में लगी आग

 

नोएडा, 15 जुलाई (आईएएनएस)। नोएडा के सेक्टर-63 थाना क्षेत्र स्थित छिजारसी कॉलोनी में उस वक्त अचानक अफरा-तफरी मच गई, जब 11 हजार केवी की हाईटेंशन विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर सड़क पर गिर गया। तार गिरते ही आसपास मौजूद लोग करंट की चपेट में आ गए, जिससे पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के दौरान एक स्कूटी में भी आग लग गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस के अनुसार हादसे में निधि (15 वर्ष), प्रिया (17 वर्ष), मुकेश राम (38 वर्ष), पवित्र (41 वर्ष) और रवि चौधरी करंट की चपेट में आकर घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

चिकित्सकों के मुताबिक रवि चौधरी की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य चार घायलों की स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाईटेंशन लाइन का तार अचानक तेज आवाज के साथ नीचे गिरा, जिससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। तार गिरते ही पास में खड़ी एक स्कूटी ने आग पकड़ ली और कुछ ही देर में वह पूरी तरह जलने लगी।

स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और तुरंत पुलिस तथा बिजली विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही सेक्टर-63 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कराई, जिससे कोई और बड़ा हादसा न हो। इसके बाद क्षेत्र को सुरक्षित कर राहत कार्य चलाया गया। आग पर भी समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे आसपास के मकानों और अन्य वाहनों को नुकसान नहीं पहुंचा।

प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि हाईटेंशन लाइन का तार किसी तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से टूटकर गिरा। हालांकि बिजली विभाग ने घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारी लाइन की स्थिति, रखरखाव और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

सेक्टर-63 थाना पुलिस का कहना है कि घटना के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से हाईटेंशन लाइनों के नियमित निरीक्षण और समय पर रखरखाव की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

--आईएएनएस

पीकेटी/एएमटी