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1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों और केजीबीवी में गूंजा ‘भारत माता की जय’

 

लखनऊ, 15 अगस्त (आईएएनएस)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जब प्रदेश के 1.32 लाख से अधिक परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में एक साथ ‘भारत माता की जय’ के जयघोष गूंजे, तो तिरंगे की छांव में नई पीढ़ी का राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रनिर्माण का संकल्प एक साथ दिखाई दिया।

स्वतंत्रता दिवस 2026 पर लगभग 1.41 करोड़ बच्चों ने तिरंगे को सलामी देकर राष्ट्रगान और वंदे मातरम के सामूहिक गायन में सहभागिता की। विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंग में रंगे रहे। तिरंगे, फूलों और रंग-बिरंगी सजावट के बीच बच्चों ने गीत, कविता, नृत्य, नाटक और तिरंगा रैली के माध्यम से आजादी के अमर नायकों के त्याग और बलिदान को याद किया। तिरंगे को सलामी देते बच्चों का उत्साह और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष ने स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को भावनात्मक और राष्ट्रप्रेरक स्वर दिया।

इन आयोजनों ने यह संकल्प भी मजबूत किया कि शिक्षा से सशक्त नई पीढ़ी ही विकसित, एकजुट और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव तैयार करेगी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय/शिक्षा निदेशक (बेसिक) कैंप कार्यालय में महानिदेशक स्कूल शिक्षा श्रीमती मोनिका रानी एवं शिक्षा निदेशक (बेसिक) अनिल भूषण चतुर्वेदी ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह का संदेश पढ़कर सुनाया गया।

संदेश में शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण का सशक्त माध्यम बनाते हुए बच्चों के उज्ज्वल, सक्षम और जिम्मेदार भविष्य के निर्माण के संकल्प को रेखांकित किया गया। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में निदेशक गणेश कुमार तथा राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान में निदेशक डॉ. मुकेश चंद्र ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को नमन किया। संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान, प्रशासनिक अधिकारी लव कुमार की उपस्थिति में इस अवसर पर अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वतंत्रता दिवस के महत्व को स्मरण किया गया।

राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। प्रदेशभर के विद्यालयों में देशभक्ति गीत, नृत्य, कविताओं और नाटकों की प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवगाथा को जीवंत किया। विभिन्न विद्यालयों में तिरंगा रैलियां निकाली गईं। वाद-विवाद और खेल प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास, राष्ट्रीय मूल्यों और देश के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ा गया। विद्यालय प्रांगणों में बच्चों की प्रस्तुतियों और सामूहिक गतिविधियों ने स्वतंत्रता दिवस को महज एक औपचारिक आयोजन से आगे बढ़ाकर सीख, सहभागिता और राष्ट्रप्रेम के उत्सव में बदल दिया।

प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं ने विशेष उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। गीत, कविता और नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के शौर्य और बलिदान को याद किया। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने यह संदेश भी दिया कि बेटियां शिक्षा, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रनिर्माण की अग्रिम पंक्ति में अपनी भूमिका निभा रही हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह में बच्चों के साथ अभिभावकों और ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इससे विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम सामुदायिक उत्सव का रूप लेते दिखाई दिए। गांव से शहर तक विद्यालय परिसरों में तिरंगे के नीचे एकता, भाईचारे, प्रेम और देशभक्ति का संदेश गूंजता रहा।

--आईएएनएस

विकेटी/एएस