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ओपन पोर्स से हैं परेशान? महंगे प्रोडक्ट्स नहीं, स्किन एक्सपर्ट की ये 3 बातें बदल देंगी आपकी स्किन की रंगत

 

चेहरे पर छोटे-छोटे पोर्स होना बिल्कुल सामान्य है। लेकिन कुछ लोगों की स्किन पर पोर्स ज्यादा बड़े या स्पष्ट दिखाई देते हैं। खासकर नाक और गालों के आसपास ओपन पोर्स और स्किन टेक्सचर ज्यादा नजर आ सकता है। इसकी वजह से चेहरा थोड़ा अनइवन दिखाई देता है और कई लोग इसे छिपाने के लिए मेकअप या प्राइमर का सहारा लेते हैं।हालांकि, सही स्किनकेयर रूटीन से पोर्स की दिखावट और स्किन टेक्सचर को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। स्किनकेयर एजुकेटर निपुण कपूर ने अपने सोशल मीडिया वीडियो में ओपन पोर्स और टेक्सचर्ड स्किन को पहचानने और उनकी देखभाल के कुछ तरीके बताए हैं।

पहले समझें ओपन पोर्स हैं या स्किन बंप्स

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि चेहरे पर दिखाई दे रही समस्या वास्तव में ओपन पोर्स है या छोटे-छोटे टेक्सचर बंप्स।इसके लिए चेहरे की त्वचा को उंगली से हल्के हाथ से स्ट्रेच करके देखा जा सकता है। अगर त्वचा को खींचने पर पोर्स कम दिखाई देने लगते हैं, तो यह सामान्य रूप से दिखाई देने वाले पोर्स हो सकते हैं। वहीं, अगर त्वचा को स्ट्रेच करने के बाद भी छोटे-छोटे बंप्स या उभार नजर आते हैं, तो यह टेक्सचर की समस्या हो सकती है।

अगर स्किन पर छोटे-छोटे बंप्स हैं

टेक्सचर्ड स्किन के लिए निपुण कपूर ने 2% सैलिसिलिक एसिड और 10% एजेलिक एसिड जैसे एक्टिव्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।रात में चेहरा साफ करने के बाद इन एक्टिव्स को स्किनकेयर रूटीन में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद त्वचा को मॉइस्चराइज करना जरूरी है। हालांकि, अगर आप पहली बार किसी एक्टिव का इस्तेमाल कर रहे हैं तो शुरुआत धीरे-धीरे करना बेहतर है।

नाक और गालों पर पोर्स ज्यादा दिखते हैं तो?

अगर खासकर नाक और गालों के आसपास पोर्स ज्यादा नजर आते हैं, तो स्किनकेयर एजुकेटर ने रात के रूटीन में सैलिसिलिक एसिड और नियासिनामाइड को शामिल करने का सुझाव दिया है।सैलिसिलिक एसिड त्वचा में मौजूद अतिरिक्त ऑयल और पोर्स में जमा गंदगी को साफ करने में मदद कर सकता है। वहीं, नियासिनामाइड त्वचा की बैरियर को सपोर्ट करने और स्किन को अधिक समान दिखने में मदद कर सकता है।इन एक्टिव्स के इस्तेमाल के बाद मॉइस्चराइजर लगाना भी जरूरी है, ताकि स्किन ज्यादा ड्राई या इरिटेट न हो।

एक्टिव्स इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान

हर व्यक्ति की स्किन अलग होती है और हर एक्टिव हर किसी की त्वचा को सूट करे, यह जरूरी नहीं है। इसलिए सैलिसिलिक एसिड, एजेलिक एसिड या नियासिनामाइड को पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर है।अगर किसी प्रोडक्ट के इस्तेमाल के बाद जलन, खुजली, ज्यादा लालिमा या लगातार इरिटेशन हो तो उसका इस्तेमाल रोक दें। एक साथ कई एक्टिव्स शुरू करने के बजाय धीरे-धीरे स्किनकेयर रूटीन में शामिल करना बेहतर रहता है।इसके अलावा, दिन में ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाना भी स्किनकेयर रूटीन का अहम हिस्सा है।ध्यान रखें कि चेहरे के पोर्स पूरी तरह गायब नहीं होते, क्योंकि वे त्वचा की सामान्य संरचना का हिस्सा हैं। सही स्किनकेयर का लक्ष्य उन्हें खत्म करना नहीं, बल्कि उनकी दिखावट को कम करना और त्वचा को स्वस्थ रखना होना चाहिए।