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बिना किसी उलझन के पहनें नौवारी साड़ी: प्लेट्स से लेकर पल्लू तक, सीखें महारष्ट्रियन स्टाइल ड्रेपिंग के आसान स्टेप्स

 

गणपति बप्पा के आगमन के साथ ही महाराष्ट्र की पारंपरिक संस्कृति और पहनावे की खूबसूरती भी देखने को मिलती है। गणेश उत्सव के दौरान महिलाएं खासतौर पर पारंपरिक नौवारी साड़ी पहनकर मराठी लुक अपनाती हैं। नौ गज लंबी यह साड़ी अपने खास ड्रेपिंग स्टाइल के लिए जानी जाती है और इसे पहनने का तरीका सामान्य साड़ी से काफी अलग होता है।

नौवारी साड़ी की सबसे खास बात इसका धोती स्टाइल ड्रेप है। इसमें साड़ी के कपड़े को पैरों के बीच से पीछे की तरफ ले जाकर सेट किया जाता है, जिससे पहनने वाली को चलने-फिरने में आसानी रहती है। यही वजह है कि यह साड़ी खूबसूरत होने के साथ-साथ पारंपरिक और सुविधाजनक पहनावे के तौर पर भी अपनी अलग पहचान रखती है।

अगर आप इस गणेश उत्सव पर कुछ अलग और ट्रेडिशनल लुक अपनाना चाहती हैं, तो नौवारी साड़ी आपके लिए शानदार विकल्प हो सकती है। पहली बार इसे पहनना थोड़ा मुश्किल जरूर लग सकता है, लेकिन सही तरीका जानने और थोड़ी प्रैक्टिस करने के बाद इसे आसानी से कैरी किया जा सकता है।

नौवारी साड़ी की क्या है खासियत?

नौ गज लंबाई:
नौवारी साड़ी की लंबाई आमतौर पर करीब नौ गज होती है। इसी वजह से इसे नौवारी कहा जाता है।

धोती स्टाइल ड्रेपिंग:
इस साड़ी को पहनने का सबसे खास तरीका इसका धोती जैसा ड्रेप है। कपड़े को पैरों के बीच से ले जाकर पीछे की तरफ सेट किया जाता है।

चलने-फिरने में आसानी:
सही तरीके से ड्रेप की गई नौवारी साड़ी में पैरों की मूवमेंट अपेक्षाकृत आसान रहती है। यही कारण है कि इसे पारंपरिक होने के साथ-साथ व्यावहारिक पहनावा भी माना जाता है।

महाराष्ट्रीयन संस्कृति की पहचान:
नौवारी साड़ी महाराष्ट्र की पारंपरिक वेशभूषा का महत्वपूर्ण हिस्सा है और गणेश उत्सव जैसे त्योहारों पर इसका आकर्षण और भी बढ़ जाता है।

ऐसे पहनें नौवारी साड़ी

अगर आप पहली बार नौवारी साड़ी पहन रही हैं, तो इन आसान स्टेप्स की मदद ले सकती हैं:

1. जरूरी सामान तैयार रखें
सबसे पहले नौवारी साड़ी, ब्लाउज और जरूरत के अनुसार पेटीकोट या अन्य साड़ी सपोर्ट तैयार रखें। अलग-अलग नौवारी स्टाइल के अनुसार ड्रेपिंग का तरीका थोड़ा बदल सकता है।

2. साड़ी को कमर पर सेट करें
साड़ी के एक सिरे को कमर पर सुरक्षित तरीके से टक करें और इसे कमर के चारों ओर लपेटना शुरू करें।

3. सामने प्लीट्स बनाएं
साड़ी के सामने वाले हिस्से की जरूरत के अनुसार बराबर प्लीट्स बनाएं और उन्हें कमर में अच्छी तरह टक कर दें।

4. कपड़े को पैरों के बीच से ले जाएं
अब साड़ी के बचे हुए हिस्से को पैरों के बीच से पीछे की ओर ले जाएं। यही स्टेप नौवारी साड़ी को उसका खास धोती स्टाइल लुक देता है।

5. पीछे अच्छी तरह टक करें
पीछे ले जाए गए कपड़े को कमर पर अच्छी तरह सेट करके टक करें। ध्यान रखें कि कपड़ा बहुत ढीला न रहे, ताकि चलते समय परेशानी न हो।

6. पल्लू को सेट करें
अब साड़ी के पल्लू को कंधे पर मराठी स्टाइल में रखें। पल्लू को सामने की तरफ भी स्टाइल के अनुसार सेट किया जा सकता है।

7. पल्लू में प्लीट्स बनाएं
पल्लू की प्लीट्स को बराबर करके कंधे पर पिन लगा दें। इससे पल्लू अपनी जगह पर बना रहेगा और बार-बार संभालने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

8. आखिरी बार पूरा लुक चेक करें
अंत में आईने के सामने कमर, प्लीट्स, पैरों के बीच से सेट किए गए कपड़े और पल्लू को अच्छी तरह चेक करें। जरूरत के अनुसार पिन लगाकर साड़ी को सुरक्षित कर लें।

पहली बार पहन रही हैं तो ध्यान रखें

अगर आपने पहले कभी नौवारी साड़ी नहीं पहनी है, तो गणेश उत्सव वाले दिन पहली बार ट्राई करने के बजाय कुछ दिन पहले घर पर इसकी प्रैक्टिस कर लें। शुरुआत में किसी ऐसे व्यक्ति की मदद लेना बेहतर रहेगा, जिसे नौवारी साड़ी ड्रेप करने का अनुभव हो।

साड़ी पहनने के बाद कुछ देर चलकर भी देख लें, ताकि आपको पता चल सके कि कहीं कपड़ा बहुत टाइट या ढीला तो नहीं है। सही फिटिंग और ड्रेपिंग के साथ नौवारी साड़ी आपके गणपति उत्सव के लुक को पूरी तरह पारंपरिक मराठी अंदाज दे सकती है।