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गुरुवार को भगवान विष्णु की कृपा पाना चाहते हैं? तो 3 मिनट के शानदार वीडियो में जाने इस दिन क्या करे क्या ना करे ?

 

हर दिन की तरह गुरुवार का भी विशेष महत्व है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित है। इस दिन उनकी पूजा की जाती है। बृहस्पति देव देवताओं के गुरु हैं। इसलिए देवगुरु होने के कारण इस दिन को गुरुवार भी कहा जाता है। गुरुवार का व्रत करने से भगवान विष्णु की असीम कृपा बरसती है। आइए जानते हैं गुरुवार के व्रत के फायदे...

<a href=https://youtube.com/embed/PTKeFkJOmco?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/PTKeFkJOmco/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden"" title="Sharad Purnima 2024 | शरद पूर्णिमा 2024 कब है, मुहूर्त, पूजा विधि, खीर का महत्व, व्रत, आरती और कथा" width="1250">

बृहस्पति देव को ज्ञान और बुद्धि का कारक माना जाता है। सही निर्णय लेने की क्षमता, ज्ञान और बुद्धि के साथ-साथ गुरु दोष से मुक्ति के लिए गुरुवार का व्रत किया जाता है। देव गुरु बृहस्पति की विधिपूर्वक पूजा की जाती है।ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, लगातार सात दिनों तक गुरुवार का व्रत करने और गुरु की पूजा करने से कुंडली में गुरु ग्रह से जुड़ी सभी तरह की समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

जिन लोगों की शादी में किसी भी तरह की देरी हो रही है, उन्हें गुरुवार का व्रत करने को कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और केले के पौधे की पूजा की जाती है।गुरुवार का व्रत करने से भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है, साथ ही मां लक्ष्मी भी उस भक्त पर प्रसन्न रहती हैं। उसके जीवन से धन संबंधी सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं।जीवन में सुख, समृद्धि, शांति, पाप से मुक्ति और पुण्य कर्मों की प्राप्ति के लिए गुरुवार का व्रत किया जाता है।

गुरुवार को कितने व्रत रखे जाते हैं: जिस प्रकार 16 सोमवार व्रत का महत्व है, उसी प्रकार 16 गुरुवार व्रत रखने की परंपरा है। व्रत अगले गुरुवार को खोला जाता है।

भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए आप इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं
शान्ताकारं भुजगाशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वधरं गगन सम आकाश, मेघवर्ण शुभ।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगीभिर्ध्यनागम्यम्
वन्दे विष्णु भवभ्यहारं सर्वलोकैकनाथम्।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नमो नारायणाय नमः
ॐ विष्णुवे नमः
ॐ हुं विष्णुवे नमः
ॐ ह्रीं कार्तवीर्यअर्जुनो नाम राजा बाहु सहस्रवण्। यस्य स्मरीण मात्रेण ह्रतं नष्टं च लभ्यते।

गुरुवार को भूलकर भी न करें ये काम
अगर आप पहली बार गुरुवार का व्रत रखने जा रहे हैं तो पौष माह में इसकी शुरुआत न करें।
गुरुवार को केला न खाएं। मान्यता है कि केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है।
इस दिन केले के पेड़ पर जल चढ़ाकर व्रत का संकल्प लें।
गुरुवार को पीली चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।
व्रत के दिन गरीबों को दान करना भी फलदायी होता है।
गुरुवार को खिचड़ी या चावल का सेवन भी नहीं करना चाहिए।
इस दिन पीला खाना खाना काफी लाभकारी माना जाता है।
महिलाओं और पुरुषों को इस दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए। इससे गुरुवार कमजोर होता है। तरक्की में बाधाएं आती हैं।